
patwari bribe lokayukta trap 47 thousand rupees, रिश्वत लेते पकड़ा गया पटवारी संतोष कुमार चिकवा (Source-patrika)
Panna Patwari Bribe: मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई में गुरुवार को पन्ना में एक पटवारी को 47 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने यह कार्रवाई जिला चिकित्सालय पन्ना के सामने गेट पर की। आरोपी पटवारी संतोष कुमार चिकवा (55) हल्का नंबर 20 जनवार, तहसील पन्ना में पदस्थ है। आरोपी पटवारी ने केन बेतवा लिंक परियोजना की बढ़ी मुआवजा राशि और मृत्यु प्रमाण पत्र के प्रतिवेदन के बदले में 80 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
ग्राम गहदरा निवासी दयाराम आदिवासी ने लोकायुक्त कार्यालय सागर में शिकायत की थी। जिसमें फरियादी ने बताया कि उसके मौसिया बब्बू आदिवासी की वर्ष 2015 में मृत्यु हो गई थी। उनके परिवार के नाम की जमीन वर्ष 2026 में दौधन बांध निर्माण के कारण गहदरा के डूब क्षेत्र में आ गई। विस्थापन, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना के लिए शासन से 2 लाख 19 हजार 600 रुपए की अनुदान राशि स्वीकृत हुई थी। राशि कम होने पर अपील के बाद परिवार के सदस्यों के खातों में बढ़ी हुई राशि 63 हजार 989 रुपए पहुंची। इसी बीच रामगोपाल आदिवासी की दादी रतिया बाई की मृत्यु के बाद उनकी जमीन की राशि भी परिवार के खातों में आनी थी। इसके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने हेतु पटवारी प्रतिवेदन जरूरी था।
फरियादी दयाराम आदिवासी के मुताबिक जब पटवारी संतोष कुमार चिकवा के पास पहुंचा तो पटवारी ने डूब क्षेत्र की राशि और मृत्यु प्रमाण पत्र के प्रतिवेदन के लिए 80 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। फरियादी ने बताया कि वो पहले 30 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर दे चुका था और इसके बाद पटवारी बाकी बचे 50 हजार रुपये देने के लिए दबाव बना रहा था। लोकायुक्त सागर की टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी पटवारी को पकड़ने के लिए योजना बनाई।
लोकायुक्त सागर की टीम 5 घंटे में 200 से ज्यादा किमी गाड़ी दौड़ाते हुए पन्ना पहुंची। आरोपी पटवारी ने रिश्वत के पैसे देने के लिए फरियादी को पन्ना जिला अस्पताल के गेट पर बुलाया। प्लानिंग के तहत पहले से वहां लोकायुक्त की टीम सादे कपड़ों में मौजूद थी और जैसे ही आरोपी पटवारी संतोष कुमार चिकवा ने फरियादी से रिश्वत के 47 हजार रुपये लिए तो उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक कमल सिंह उइके, निरीक्षक रंजीत सिंह एवं लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम शामिल रही।
Updated on:
10 Sept 2026 03:27 pm
Published on:
10 Sept 2026 03:27 pm
