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panna fraud: UK जाने के सुनहरे सपने ने लगा दी चपत, वीजा लेकर एयरपोर्ट में घुसे, फिर हुआ बड़ा खुलासा

panna fraud: विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये ठगकर फर्जी वीजा थमाने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को बिजनौर और दिल्ली से गिरफ्तार किया।
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14 पासपोर्ट बरामद (Photo Source - Patrika)

14 पासपोर्ट बरामद (Photo Source - Patrika)

panna news: विदेश जाने का सपना दिखाकर लाखों रुपए ऐंठने और बाद में फर्जी वीजा थमाने वाले गिरोह का एमपी में पन्ना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बृजपुर पुलिस ने यूपी के बिजनौर और नई दिल्ली में दबिश देकर गिरोह की दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 9.50 लाख रुपए नकद, 14 पासपोर्ट, पांच पासपोर्ट में चस्पा वीजा संबंधी कागजात, कार, चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

बृजपुर थाना क्षेत्र के अहिरगवां कैम्प निवासी हीरामन मंडल (25) और उसके साथी देवानंद मंडल (28) ने 11 जून 2026 को थाने में आवेदन देकर बताया था कि आशु चौधरी नामक व्यक्ति ने उन्हें विदेश भेजने और वीजा बनवाने का भरोसा दिया था। इसके एवज में आरोपी ने दोनों से कुल 12.65 लाख रुपए लिए और उनके पासपोर्ट भी अपने पास रख लिए। तीन माह बाद आरोपी ने पासपोर्ट लौटाए और उनमें वीजा चस्पा कर दिए। यूके जाने के लिए जब फरियादी अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचा और वीजा जांच के लिए दिया तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच में वीजा नकली पाए गए।

14 पासपोर्ट मिलने से बढ़ा नेटवर्क का संदेह

पुलिस को आदिल के पास वीजा बनवाने के लिए अन्य लोगों के 9-10 पासपोर्ट भी मिले। कुल 14 पासपोर्ट मिले, जिनमें पांच पर वीजा संबंधी कागजात चस्पा थे। पुलिस को आशंका है कि गिरोह का नेटवर्क केवल दो फरियादियों तक सीमित नहीं है। पुलिस अब फर्जी वीजा तैयार करने, पासपोर्ट हासिल करने और विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

तकनीकी साक्ष्यों से बिजनौर पहुंची पुलिस

थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी आशु चौधरी (31) निवासी आजूपुरा जट बिजनौर को यूपी से अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में उसने साथी आदिल उर्फ अली (36) निवासी कीरतपुर बिजनौर के साथ ठगी करना स्वीकार किया। आशु ने बताया कि उसने फरियादियों से नकद और गूगल-पे से 12.65 लाख रुपए लिए थे। इसमें से 6.50 लाख रुपए कमीशन के रूप में आदिल को दिए थे। आशु से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने आदिल को नई दिल्ली से पकड़ा। पूछताछ में आदिल ने बताया कि वह दिल्ली स्थित बीएफएस कंपनी के बाहर कमीशन लेकर वीजा बनवाने वाले एजेंट के रूप में काम करता था। उसने आशु के साथ मिलकर फर्जी वीजा तैयार करने और लोगों को विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी में सहयोग करना स्वीकार किया। उसके पास से 5 लाख रुपए नकद और देवानंद मंडल का पासपोर्ट बरामद हुआ।