
पन्ना/रैपुरा/शाहनगर. एक ओर जहां पन्ना जिला सूखा की चपेट में है। वहीं बीते दो दिनों की लगातार हुई झमाझम बारिस के कारण रैपुरा व शाहनगर क्षेत्र में बाढ़ की स्थित निर्मित हो गई। क्षेत्र से निकलने वाली सहायक नदियां जिनमें केन नदी, उमेही नदी एवं अलौनी नदी भारी उफान पर रही। इन नदियों के ऊपर गुजरने वाले रपटे से करीब ४ फिट उपर तक पानी बहता रहा। जिससे कई घंटों तक मार्ग अवरुद्ध होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों को परेशानी का समान करना पड़ा। गौरतलब है कि झमाझम बारिश हर जगह पानी ही पानी का नजारा देखने को मिल रहा था। वहीं दूसरी ओर शाहनगर से रैपुरा मार्ग एवं शाहनगर से देवरा मार्ग मे आवागमन अवरूद्ध हो गया। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को मानसून जयादा सक्रीय दिखा। दो-तीन दिनों से लगातार कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। शनिवार रात को भी मूसलाधार बारिश हुई। प्रभावित गाव जिनमें लमतरा, बोरी, मलघन, रैपुरा सहित सैकङों गांवों का आवागमन अवरूद्ध रहा वही उमेही एवं अलौनी नदी भी उफान होने से धौवापुरा ताला देवरा सारंगपुर सहित कई गांवो के लोग परेशान रहे।
निजी कंपनी के पाईप लाईन में फसे मवेशी
शाहनगर से रैपुरा मार्ग पर स्थानिय केन नदी के पुल से जिईओ कम्पनी के कर्मचारियों ने पाइप निकाला था जो तेज बारिश पर निकल गया। इसके साथ आवागमन कर रहे लोगो के पांव में फंसने लगा जिससे पानी के अंदर पाइप नही दिखाई देेने से मुक पशु भी पाइप पर फंसे। जिसकी जानकारी स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा शाहनगर थाना प्रभारी एके श्रीवास्तव एवं तहसीलदार मंगलेश्वर सिंह को दी गई। मौके पर आकर अधिकारियों के द्वारा बचाव कार्य के साथ निजी कंपनी के कर्मचारियों को फटकार भी लगाई गई।
दो महीने बाद भी 500 मिमी बारिश नहीं हई
जिले के रैपुरा व शाहनगर क्षेत्र में सोमवार को जहां एक ओर बाढ़ के हालत रहे वही दूसरी ओर जिले के अधिकांश हिस्से में सूखे के हालत है। मानसून सीजन के दो माह निकल जाने के बाद भी, पचास फीसदी बारिश नही हो पाई है। हालत यह है कि किसान बोरिंग व कुए के साथ अन्य सिंचाई के संसाधनों से अभी भी सिंचाई करके किसी तरह फसलों को बचाने में लगे है। शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाले लोकपालसागर व धरमसागर तालब अब भी प्यासे है।