पन्ना

रेत के काले कारोबार ने ली दो लोगों की जान, तीसरा मेडिकल कॉलेज रेफर

डंपर ने बाइक सवारों को कुचला, निजी कार्यक्रम से घर लौट रहे थे तीन युवक, एक की रास्ते में मौत, दूसरे ने जिला अस्पताल में तोड़ा दम,
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Jun 25, 2018
two youths death in panna road accident
two youths death in panna road accident

पन्ना। रेत के काले कारोबार में लगे डंपर ने बीती रात बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे बाइक सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को काफी समय तक वाहन नहीं मिलने से मौके पर ही तड़पते रहे। इससे एक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दो को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजयगढ़ लाया गया, यहां से जिला अस्पताल रेफर की दिया गया। दूसरे युवक की जिला अस्पता में मौत हो गई और तीसरे को गंभीर हालत में रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।

ये है मामला
जानकारी के अनुसार तुर्कातरी मझगांय निवासी राम किशन यादव पिता राजाराम यादव, जगत राज यादव पिता हेतराम यादव और रामचन्द्र यादव पिता राममिलन यादव ग्राम बीरा से शादी समारोह में शामिल होकर अजयगढ की तरफ बाइक से आ रहे थे। रात करीब साढ़े नौ बजे सनद क्रसर के पास बीरा मोड़ में तेज रफतार वाहन क्रमांक एमपी 53 एचए 1467 ने बाइक को जोरदर टक्कर मार दिया। हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन लेकर फरार हो गया, जबकि तीनों घायल वहीं लहूलुहान हालत में पड़े रहे।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजयगढ़ में भर्ती कराया
विवाह कार्यक्रम से लौट रहे अन्य लोगों ने तीनों को सड़क पर खून से लथपथ हालत में तड़पते देखा तो पुलिस को सूचना दी। जब तक पुलिस मौके पर पहुंच पाती तब तक राम किशुन यादव की मौके पर मौत हो चुकी थी। पुलिस ने डायल 100 वाहन से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजयगढ़ में भर्ती कराया। यहां से दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। अजयगढ़ स्वास्थ केन्द्र में मौके पर डॉक्टर के प्राथमिक इलाज नहीं करने पर परिजनों ने हंगामा भी किया। प्रत्यक्षदर्शी प्रमोद ने बताया, वाहन रेत लेने रेत खदान की ओर जा रहा था, जिसने वारदात को अंजाम दिया।

जिला अस्पताल में मौत के बाद हंगामा
परिजनों के अनुसार रात करीब 2 बजे दोनों घायलों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में पदस्थ अमले द्वारा गंभीर रूप से घायल जगतराम यादव को आक्सीजन नहीं लगाया गया। जिससे समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण सुबह करीब 4 बजे उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन के लापरवाही के विरोध में परिजनों ने मृतक के शव को अस्पताल के प्रवेश द्वार पर रखकर हंगामा कर दिया।

अस्पताल में भारी पुलिसबल तैनात
परिजनों द्वारा अस्पताल कर्मियों के साथ अभद्रता और तोडफ़ोड़ भी की गई। मामले की जानकारी लगते ही अस्पताल प्रबंधन ने भारी संख्या में पुलिसबल को बुला लिया। पुलिस के पहुंचने के बाद भी परिजन अस्पताल प्रबंधन पर तरह-तरह के आरोप लगाते रहे। बाद में गंभीर रूप से घायल रामचंद्र को रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जबकि मृतक रामकिशुन के शव को पीएम हाउस में रखा गया। जहां दोपहर में पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

Published on:
25 Jun 2018 03:21 pm