पटना

दूध देने गई थी 10 साल की रोशनी, 24 घंटे बाद गली में मिला शव; चेहरे और शरीर पर जख्म के गहरे निशान

पटना में गुरुवार को एक 10 साल की बच्ची का शव स्कूल यूनिफॉर्म में मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। बच्ची पिछले 24 घंटे से लापता थी। शव मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। 
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Updated: 23 Apr 2026, 12:59 PM IST
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शव मिलने के बाद गली में लगी भीड़ और रोशनी की फाइल फोटो

Bihar News: बिहार की राजधानी पटना के बाईपास थाना क्षेत्र में अपराधियों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी हैं। यहां गुरुवार की सुबह 10 साल की मासूम बच्ची रोशनी कुमारी का शव उसके घर महज 500 मीटर की दूरी पर एक सुनसान गली में बरामद हुआ। बच्ची का शव एक कंबल में लिपटा हुआ था और उस पर हिंसा के इतने बर्बर निशान थे कि पुलिस अधिकारी भी देखकर सन्न रह गए। रोशनी बीते 24 घंटे से यानि बुधवार की सुबह से ही लापता थी।

स्कूल यूनिफॉर्म में ही दूध देने चली गई थी रोशनी

रोशनी कुमारी के पिता अनु यादव और दादी राजमंती देवी ने बताया कि बुधवार सुबह रोशनी स्कूल जाने के लिए पूरी तरह तैयार थी। उसने अपनी स्कूल यूनिफॉर्म पहनी हुई थी। स्कूल के लिए निकलने से ठीक पहले दादी के कहने पर वह दूध देने के लिए एक पड़ोसी शिवकुमार ठाकुर के घर गई थी। लेकिन, परिवार को जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह सिर्फ दूध देने नहीं जा रही थी, बल्कि अपनी मौत की ओर कदम बढ़ा रही थी। जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटी, तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की और बाद में उसी रात पुलिस थाने में सूचना दी।

कुचला हुआ था चेहरा, शरीर पर जख्म के निशान

बाईपास थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) रंजीत कुमार ने शव की हालत देखने के बाद कहा कि बच्ची की आंखों और चेहरे पर चोट के बहुत गहरे निशान हैं। ऐसा लगता है कि किसी लाठी या लोहे की रॉड से उसका चेहरा बुरी तरह कुचला गया है। हत्या से पहले उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी। पुलिस टीम ने बुधवार को रात के समय उस जगह पर गश्त भी की थी जहां शव मिला, लेकिन उस समय वहां कुछ भी मौजूद नहीं था। इससे यह साफ जाहिर होता है कि हत्या कहीं और की गई और पकड़े जाने के डर से शव को बाद में यहां लाकर फेंक दिया गया।

सदमे में रोशनी का परिवार

लापता होने के करीब 24 घंटे बाद जब रोशनी का शव उसी की स्कूल यूनिफॉर्म में मिला तो पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रोशनी के पिता अनु यादव ने बताया कि कुछ लोगों के साथ उनकी पुरानी दुश्मनी चल रही है, लेकिन उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कोई इतनी हद तक गिर जाएगा कि उनकी मासूम बच्ची को ही निशाना बना लेगा। रोशनी की दादी का रो-रोकर बुरा हाल है, वे बार-बार खुद को कोस रही हैं कि उन्होंने रोशनी को दूध देने के लिए क्यों भेजा।

जांच में जुटी पुलिस

घटना की खबर मिलते ही पुलिस विभाग तुरंत अलर्ट हो गया। इस मामले की वैज्ञानिक जांच करने के लिए FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की एक टीम और एक डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया है। पुलिस आस-पास के घरों के CCTV फुटेज खंगाल रही है, ताकि अपराधियों के बारे में कोई सुराग मिल सके। इसके अलावा पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।

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23 Apr 2026, 12:59 PM IST
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