पटना

जिस घर में 5 दिन पहले गूंजी थी शहनाई, वहां से उठीं अर्थियां; जहरीली गैस से 3 भाइयों समेत 4 की मौत

अभी पांच दिन पहले ही बिहार के वैशाली जिले में एक घर में शादी की शहनाई और नई दुल्हन के आने की खुशियां गूंज रही थीं। उसी घर में आज चार लाशें निकाली गईं। सेप्टिक टैंक के जहरीली गैस की वजह से तीन भाइयों समेत चार लोगों की मौत हो गई।

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Mar 01, 2026
अस्पताल के बाहर रोते-बिलखते परिजन

Bihar News: बिहार के वैशाली जिले के सराय थाना इलाके में स्थित अनवरपुर गांव में रविवार को हुए एक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक ही घर में सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय एक ही परिवार के चार सदस्यों की जहरीली गैस से दम घुटने से मौत हो गई। मरने वालों में तीन भाई और एक भतीजा शामिल हैं। यह हादसा तब हुआ जब परिवार के सदस्य एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में बारी-बारी से टैंक में उतरे। इस घटना से पूरे गांव में मातम छा गया है।

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पांच दिन पहले ही हुई थी शादी, असम से आए थे भाई

बताया जा रहा है कि मरने वालों में सबसे छोटे भाई 24 वर्षीय राहुल कुमार की शादी पांच दिन पहले ही 24 फरवरी को हुई थी। मृतक के चचेरे भाई मनोज कुमार ने बताया कि शिवजी साह के तीन बेटे (आनंद, राहुल और पंकज) असम में मजदूरी करते थे। सभी भाई राहुल की शादी में शामिल होने के लिए 20 दिन पहले ही गांव आए थे। घर में जश्न का माहौल था, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।

कैसे हुआ हादसा?

चश्मदीदों और परिवार वालों के मुताबिक, रविवार दोपहर करीब 12 बजे 15 फुट गहरे सेप्टिक टैंक की सफाई का काम शुरू हुआ। शिवजी साह का 18 साल का पोता प्रियांशु सबसे पहले टैंक में उतरा। करीब 15 मिनट बाद उसकी आवाज सुनाई देना बंद हो गई। जब कोई हलचल नहीं हुई, तो उसके 46 साल के पिता आनंद कुमार उसे देखने के लिए अंदर गए। कुछ देर तक उनकी आवाज सुनाई दी, लेकिन फिर वह भी शांत हो गई।

जब पिता-पुत्र दोनों बाहर नहीं निकले, तो आनंद के दो छोटे भाई (पंकज और राहुल) भी एक-दूसरे को बचाने के लिए नीचे उतरे। इस दौरान टैंक में जमा जहरीली गैस (मीथेन और कार्बन मोनोऑक्साइड) की वजह से चारों अंदर ही बेहोश हो गए।

कुल 7 लोग हुए बेहोश

जब बाहर खड़े परिवार वालों ने कोई हलचल नहीं देखी, तो उन्होंने शोर मचाया। फिर तीन और गांव वाले उन्हें बचाने के लिए टैंक में उतरे, लेकिन वे भी जहरीली गैस की वजह से बेहोश हो गए। गांव वालों ने तुरंत पुलिस को खबर दी। सूचना मिलने पर सराय थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।

फायर ब्रिगेड टीम का एक सदस्य अपनी जान जोखिम में डालकर टैंक में उतरा और बेहोश लोगों को मोटी रस्सी से बांध दिया, जिन्हें बाहर खड़ी पुलिस और गांव वालों ने खींचकर बाहर निकाला। सभी लोग बेहोश थे और उन्हें तुरंत हाजीपुर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनमें से चार को मृत घोषित कर दिया। बाकी तीन गांव वालों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज चल रहा है।

मृतकों की पहचान

  • आनंद कुमार (46 साल): शिवजी साह का बड़ा बेटा।
  • राहुल कुमार (24 साल): शिवजी साह का छोटा बेटा (जिसकी पांच दिन पहले ही शादी हुई थी)।
  • पंकज कुमार: शिवजी साह का मंझला बेटा।
  • प्रियांशु कुमार (18 साल): आनंद कुमार का बेटा।

खुशियां मातम में बदलीं

घटना के बाद पूरे अनवरपुर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। नई-नवेली दुल्हन, जिसके हाथों की मेहंदी भी अभी फीकी नहीं पड़ी थी, की खबर ने सभी की आंखों में आंसू ला दिए हैं। शिवजी साह के घर में एक साथ तीनों दीये बुझने से हंगामा मच गया है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है।

गांव वालों ने बताया कि टैंक के अंदर काफी समय से गैस जमा थी। बिना किसी सेफ्टी इक्विपमेंट के इसे साफ करने के लिए नीचे जाना जानलेवा साबित हुआ। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सेफ्टी स्टैंडर्ड का पालन करें और सेप्टिक टैंक साफ करते समय ट्रेंड लोगों की मदद लें।

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Published on:
01 Mar 2026 07:33 pm
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