
अली खामेनेई। (फोटो- ANI)
Iran-Israel war: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर 86 साल के अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में भूचाल ला दिया है। अयातुल्ला अली खामेनेई US-इजरायल के जॉइंट एयरस्ट्राइक (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी) में मारे गए थे। इस बीच, बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे इंसानियत के खिलाफ हमला बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, RJD ने कहा कि खामेनेई की हत्या के मकसद से किया गया हमला न केवल ईरान के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता की बात है। पार्टी ने यह भी लिखा कि अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत के साथ, भारत ने एक दोस्त खो दिया है।
RJD ने अपने ऑफिशियल हैंडल से एक पोस्ट में लिखा, "अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के उद्देश्य से किया गया ईरान पर हमला पूरी मानवता के विरुद्ध हमला है। हजारों बेकसूरों ने अपनी जान गंवाई है। अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत के साथ भारत ने अपना एक दोस्त खो दिया है। इराक, लीबिया, सीरिया... अमेरिका ने जहां भी हमला किया, उन देशों को और वहां के नागरिकों के जीवन को अमेरिका ने बर्बाद कर दिया।"
86 साल के अली खामेनेई, जो पिछले 37 सालों (1989 से) से ईरान का नेतृत्व कर रहे थे, शनिवार को तेहरान में उनके कंपाउंड पर हुए हमले में मारे गए। यह हमला US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में USA और इजरायल द्वारा मिलकर किए गए मिलिट्री ऑपरेशन का हिस्सा था। बताया गया है कि हमले में सिर्फ खामेनेई ही नहीं, बल्कि ईरान के डिफेंस मिनिस्टर आमिर नासिरज़ादेह और आर्मी चीफ मोहम्मद पाकपुर के घरों को भी निशाना बनाया गया।इस ऑपरेशन के बाद पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव चरम पर है और सुरक्षा हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। ईरान में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है।
इस हमले के बाद गल्फ देशों में माहौल तनावपूर्ण है, अभी दुबई जैसे बड़े एयरपोर्ट समेत ज्यादातर एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में बिहार के विभिन्न जिलों के हजारों लोग दुबई, कतर और कुवैत में फंसे हुए हैं। फ्लाइट्स कैंसिल होने से उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
Updated on:
01 Mar 2026 05:20 pm
Published on:
01 Mar 2026 05:19 pm
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