पटना

बिना पूछे वीडियो बनाया, मोबाइल में मिली महिला टीचरों की 150 फोटो… ANM स्कूल के प्रिंसिपल पर आरोप, DM ने दिए जांच के आदेश

बिहार के सुपौल जिले में एक ANM ट्रेनिंग स्कूल के प्रभारी प्रिंसिपल पर अपनी साथी महिला टीचरों की फोटो और वीडियो बनाने का आरोप लगा है। इस घटना से पूरे जिले में हंगामा मच गया है। डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
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Updated: 20 Feb 2026, 11:28 AM IST
Bihar News, Supaul News
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Bihar News:बिहार के सुपौल जिले के निर्मली स्थित ANM ट्रेनिंग स्कूल सह हॉस्टल में उस समय हंगामा मच गया, जब दो महिला टीचरों ने इंस्टिट्यूट के प्रभारी प्रिंसिपल मौलाना साजिद इकबाल कैफी पर बिना इजाजत वीडियो बनाने और उनकी निजी तस्वीरें मोबाइल फोन में रखने का आरोप लगाया। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और DM सावन कुमार ने तुरंत जांच के आदेश दिए। प्रशासनिक टीम इंस्टिट्यूट पहुंची और हर एंगल से पूरी घटना की जांच कर रही है।

लैब में शुरू हुआ विवाद

शिकायत करने वाली महिला टीचरों के मुताबिक, घटना लैब में शुरू हुई। उनका आरोप है कि वे लैब में काम कर रही थीं, तभी उन्होंने देखा कि प्रभारी प्रिंसिपल बिना उनकी इजाजत के अपने मोबाइल फोन पर उनका वीडियो बना रहे हैं। जब टीचरों ने एतराज किया और मोबाइल फोन दिखाने को कहा, तो प्रिंसिपल पहले तो हिचकिचाए। जब विवाद बढ़ा, तो दूसरे टीचर और स्टाफ मौके पर इकट्ठा हो गए। दबाव बढ़ने पर, मोबाइल फोन की गैलरी चेक की गई, जिसमें महिला टीचरों की लगभग 100 से 150 फोटो मिलीं, जो कथित तौर पर अलग-अलग एंगल से ली गई थीं। इससे मामला और गरमा गया।

शिक्षिकाओं का दावा है कि मोबाइल में मिली फोटो निजी थीं और उनकी जानकारी के बिना ली गई थीं। लंबी बहस और दबाव के बाद, फोटो मोबाइल फोनसे डिलीट कर दी गईं। बाद में, प्रिंसिपल ने माना कि फोन में फोटो थीं, लेकिन उन्होंने दावा किया कि उन्हें इंस्टाग्राम से डाउनलोड किया गया था।

महिला शिक्षिकाओं की सुरक्षा पर सवाल

इस घटना के बाद महिला टीचर्स ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि जब इंस्टीट्यूट में सबसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति पर ऐसे आरोप लगते हैं, तो वे किससे सुरक्षा की उम्मीद कर सकती हैं? उन्होंने कहा, "गर्ल्स हॉस्टल में न तो बाउंड्री वॉल है, न ही कोई सुरक्षित मेन गेट। कोई परमानेंट वार्डन नहीं है और न ही काफी सिक्योरिटी गार्ड हैं। पानी और खाने की क्वालिटी को लेकर भी शिकायतें हैं। अब, इस घटना के बाद, हम असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।"

प्रिंसिपल की सफाई

हंगामे के बाद, आरोपी प्रिंसिपल ने माना कि उसके मोबाइल फोन में फोटो थे, लेकिन उसने साफ किया कि उसने उन्हें इंस्टाग्राम से डाउनलोड किया था और उसका कोई गलत इरादा नहीं था। हालांकि, टीचर्स का दावा है कि फोटो इंस्टीट्यूट के अंदर चुपके से लिए गए थे। बड़े पैमाने पर विरोध के बाद, प्रिंसिपल ने सभी फोटो डिलीट कर दिए।

हॉस्टल के कमरों के इस्तेमाल पर भी सवाल

जांच के दौरान, यह भी पता चला कि प्रिंसिपल हॉस्टल के दो कमरों का इस्तेमाल कर रहे थे। टीचर्स के एतराज के बाद, प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में कमरे से बेड और दूसरा सामान हटा दिया गया। इस पहलू को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

फाइनेंशियल गड़बड़ियों के भी आरोप

शिकायत करने वालों ने न सिर्फ पर्सनल तस्वीरों का मुद्दा उठाया, बल्कि एडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंशियल गड़बड़ियों का भी आरोप लगाया। उनका आरोप है कि लाइब्रेरी और कॉलेज डेवलपमेंट पर खर्च किए गए फंड का सही इस्तेमाल नहीं किया गया। 2021 से अक्टूबर 2025 तक इंस्टीट्यूट में कोई बड़ा डेवलपमेंट का काम नहीं हुआ। इसके अलावा, उन्होंने सरकारी ट्रेनिंग और मीटिंग्स के बारे में समय पर जानकारी न मिलने की भी शिकायत की। टीचर्स का आरोप है कि जब भी ट्रेनिंग का लेटर आता है, प्रिंसिपल चले जाते हैं, जिससे दूसरे टीचर्स को मौका नहीं मिल पाता।

DM ने जांच के आदेश दिए

मामले की गंभीरता को देखते हुए, DM सावन कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं। SDM, SDPO, BDO, CO और पुलिस फोर्स की एक टीम इंस्टीट्यूट पहुंची। टीम ने टीचर्स के बयान दर्ज किए और मौजूद सबूत इकट्ठा किए। एडमिनिस्ट्रेशन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अगर आरोप सही पाए गए, तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
20 Feb 2026, 11:28 AM IST
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