राज्य सभा के लिए मतदान 16 मार्च को होना है और सभी की निगाहें मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह पर टिकी थीं। क्या छोटे सरकार जेल से बाहर आकर अपना वोट डाल पाएंगे? MP-MLA कोर्ट ने आज इस मामले पर अपना अंतिम फैसला सुना दिया है।
बिहार की पांच राज्य सभा (Rajya Sabha) सीटों के लिए होने वाली वोटिंग को लेकर सियासी हलचल तेज है। इसी बीच सबकी निगाहें इस सवाल पर टिकी थीं कि क्या मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) जेल से बाहर आकर वोट डाल पाएंगे? शुक्रवार को पटना की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने इस सस्पेंस से पर्दा उठा दिया है।
पटना की विशेष अदालत ने शुक्रवार (13 मार्च) को अपना फैसला सुनाते हुए अनंत सिंह को राज्य सभा चुनाव में मतदान करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने कहा कि विधायक होने के नाते उन्हें मतदान का अधिकार है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था के साथ उन्हें विधानसभा लाकर वोट डालने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, यह अनुमति कुछ कड़े नियमों और शर्तों के साथ दी गई है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अनंत सिंह जेल से रिहा नहीं होंगे, बल्कि उन्हें पुलिस कस्टडी में मतदान केंद्र (बिहार विधानसभा) लाया जाएगा। वोट डालने की प्रक्रिया पूरी करने के तुरंत बाद उन्हें वापस बेउर जेल ले जाया जाएगा। बता दें कि इससे पहले विधानसभा सत्र के दौरान भी वे शपथ लेने के लिए जेल से पुलिस कस्टडी में विधानसभा पहुंचे थे। अब राज्यसभा चुनाव के मतदान के लिए भी उन्हें उसी तरह लाया जाएगा।
अनंत सिंह वर्तमान में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान हुए चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड के मामले में जेल में बंद हैं। 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा टाल इलाके में जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने अनंत सिंह को मुख्य आरोपी मानते हुए 2 नवंबर को गिरफ्तार किया था। तब से वे जेल में बंद हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने जेल में रहते हुए ही मोकामा सीट से जेडीयू के टिकट पर जीत हासिल की थी।
अनंत सिंह के वोट डालने की अनुमति मिलने को एनडीए के लिए राहत माना जा रहा है। पांचवीं सीट को लेकर पहले से ही सियासी गणित बेहद दिलचस्प बना हुआ है। ऐसे में हर एक वोट की अहमियत बढ़ गई है और अनंत सिंह का वोट भी इस मुकाबले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य सभा चुनाव के नतीजे से पहले बिहार की राजनीति में यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पांचवीं सीट को लेकर दोनों खेमों के बीच सियासी मुकाबला बेहद दिलचस्प बन गया है।
बिहार की 5 सीटों के लिए कुल 6 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे 16 मार्च को मतदान होना अनिवार्य हो गया है। खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जेडीयू कोटे से राज्य सभा उम्मीदवार हैं। उनके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और बीजेपी के ही शिवेश कुमार, जेडीयू के रामनाथ ठाकुर और रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा मैदान में हैं। वहीं, विपक्ष की ओर से आरजेडी के एडी सिंह अकेले मैदान में हैं।
16 मार्च को सुबह 9 बजे से मतदान शुरू होगा। जेल प्रशासन और पुलिस मुख्यालय को निर्देश दिए गए हैं कि अनंत सिंह के लिए सुरक्षा का कड़ा घेरा तैयार किया जाए। वे विधानसभा के विशेष द्वार से प्रवेश करेंगे और गुप्त मतदान करने के बाद सीधे पुलिस वैन से वापस जेल जाएंगे।
| गठबंधन | पार्टी | विधायकों की संख्या |
|---|---|---|
| एनडीए | बीजेपी (BJP) | 89 |
| एनडीए | जेडीयू (JDU) | 85 |
| एनडीए | लोजपा (रामविलास) | 19 |
| एनडीए | हम (HAM) | 5 |
| एनडीए | राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) | 4 |
| महागठबंधन | राजद (RJD) | 25 |
| महागठबंधन | कांग्रेस | 6 |
| महागठबंधन | CPI (ML) | 2 |
| महागठबंधन | CPI | 1 |
| महागठबंधन | IIP | 1 |
| किसी गठबंधन में नहीं | AIMIM | 5 |
| किसी गठबंधन में नहीं | BSP | 1 |