
Bahujan mahapanchayat vs Brahmin protestभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक ओर 5 जुलाई को भोजपुर में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के समर्थन और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पक्ष में बहुजन महापंचायत आयोजित किए जाने की घोषणा की गई है। वहीं दूसरी ओर, ब्राह्मण महासभा कथित फर्जी एनकाउंटर में शामिल आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की तैयारी में है।
इन समानांतर कार्यक्रमों और बयानों के बीच राज्य में जातीय तनाव की आशंकाओं पर भी चर्चा शुरू हो गई है। आरा में 5 जुलाई को प्रस्तावित बहुजन महापंचायत को लेकर विभिन्न पक्षों की सक्रियता बढ़ गई है। इस बीच, भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन के कुछ नेताओं और विधायकों के अलग-अलग बयान भी सामने आए हैं। दोनों पक्ष अपने-अपने दृष्टिकोण के समर्थन में अभियान चला रहे हैं, जिससे राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता नजर आ रहा है।
भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव में कथित फर्जी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी के समर्थन में 24 जून को एक महापंचायत आयोजित की गई थी। महापंचायत में विपक्षी नेताओं और स्थानीय लोगों ने एनकाउंटर को कथित रूप से फर्जी बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और राज्य सरकार व प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। इस कार्यक्रम में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे।
महापंचायत से पहले, 23 जून को राज्य सरकार ने मामले में डीएसपी, थानाध्यक्ष समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दे दिए थे। इसके बावजूद महापंचायत में शामिल लोगों ने आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग दोहराई और चेतावनी दी कि यदि 30 जून तक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
इसी बीच, 5 जुलाई को बहुजन आर्मी ने जगदीशपुर के लाल बिहारी सिंह टोला हाई स्कूल मैदान में बहुजन महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की है। बहुजन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोल्डन दास ने एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में कहा कि भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में सवर्ण समाज ने बिलौटी गांव में महापंचायत आयोजित की थी। उन्होंने कहा कि इसके जवाब में अब बहुजन समाज सरकार के समर्थन में एकजुट होकर अपनी बात रखेगा। गोल्डन दास ने यह भी कहा कि प्रस्तावित बहुजन महापंचायत का उद्देश्य मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति समर्थन व्यक्त करना है।
बहुजन महापंचायत को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस आयोजन के जरिए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उनके समर्थक अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करना चाहते हैं। सूत्रों के अनुसार, इस महापंचायत में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, नागमणि कुशवाहा, सकलदेव बिंद और भाजपा नेता प्रतिमा कुशवाहा के शामिल होने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जीतन राम मांझी और नागमणि कुशवाहा इस पूरे प्रकरण में सार्वजनिक रूप से सम्राट चौधरी के समर्थन में अपनी बात रखते रहे हैं। वहीं, सकलदेव बिंद को भी सम्राट चौधरी का करीबी माना जाता है। बताया जाता है कि तारापुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान उन्होंने सम्राट चौधरी के समर्थन में अपना नामांकन वापस लेकर भाजपा का दामन थाम लिया था।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि बहुजन महापंचायत सफल रहती है, तो इससे सम्राट चौधरी की राजनीतिक स्थिति मजबूत हो सकती है। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि इसका असर भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक पर पड़ सकता है। दूसरी ओर, महापंचायत को सफल बनाने के लिए एनडीए के पिछड़ा, अति पिछड़ा और दलित वर्ग से जुड़े कई नेता और कार्यकर्ता सक्रिय रूप से प्रचार-प्रसार में जुटे हुए हैं।