
Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर बेलौटी गांव में भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर एक महापंचायत हुई थी। इस महापंचयत के बाद देर रात भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) राज पुलिस बल के साथ अचानक मृतक भरत तिवारी के पैतृक आवास पर पहुंच गए। एसपी के इस तरह अचानक दलबल के साथ पहुंचने से पूरे गांव में हलचल मच गई। इस दौरान एसपी राज ने घर के भीतर जाकर पीड़ित परिवार और भरत तिवारी के वृद्ध माता-पिता से मुलाकात की और उनकी बातें और शिकायतें सुनीं।
मुलाकात के दौरान भरत तिवारी के परिजनों ने पुलिस कप्तान के सामने कई दावे किए और इस एनकाउंटर की कहानी पर सवाल उठाए। परिजनों ने आरोप लगाया कि एनकाउंटर के तुरंत बाद गंभीर रूप से घायल भरत तिवारी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय पुलिस ने कई घंटों तक उन्हें थाने में ही रखा। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर उन्हें अस्पताल पहुंचा देती और इलाज शुरू हो जाता, तो शायद आज भरत तिवारी जिंदा होते।
बातचीत के दौरान, परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने SP राज को बताया कि भरत तिवारी की मौत के बाद से बिना नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध काली गाड़ी अक्सर उनके घर के बाहर रुकती है और घूमती रहती है। यह गाड़ी दिन में कई बार घर के आस-पास रेकी (निगरानी) करती देखी गई है, जिससे डर का माहौल बन गया है और परिवार को लग रहा है कि उनकी जान को तुरंत खतरा है।
मुलाकात के दौरान, भरत तिवारी की मां आशा देवी ने अपने बेटे की मौत की CBI जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवार को अभी तक न्याय नहीं मिला है और वे निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर रहे हैं।
भोजपुर के SP राज ने परिवार की सुरक्षा संबंधी चिंताओं और उनके द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को बहुत संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना। उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि उनके द्वारा दी गई हर जानकारी और उठाए गए हर मुद्दे की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था और जांच दोनों ही उनकी सीधी देखरेख में निष्पक्ष रूप से की जाएंगी।
भोजपुर एसपी से मुलाकात के बाद भरत तिवारी की भाभी ने बताया कि परिवार ने एसपी साहब से सबसे पहले सुरक्षा की मांग की थी, जिस पर एसपी ने खुद संज्ञान लेते हुए आश्वासन दिया है कि उनकी निगरानी में जांच परख कर ही यहां सुरक्षाकर्मी भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि एसपी राज ने खुद भरोसा दिलाया है कि अगर कुछ भी होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी वो अपने ऊपर लेंगे। भरत तिवारी की भाभी ने कहा कि इस समय पूरा परिवार बेहद डरा हुआ है और इसी डर की वजह से उन्होंने प्रशासन से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की थी, जिस पर थाना स्तर से आने वाले सुरक्षाकर्मियों को भी जांच परख कर ही तैनात करने की बात कही गई है।
भरत तिवारी की भाभी ने बताया कि उन्होंने एसपी साहब के सामने यह बड़ा सवाल उठाया था कि जब भरत तिवारी ने हथियार डाल दिए थे, तो उसके बावजूद उन्हें गोली क्यों मारी गई। इस पर एसपी राज ने भरोसा दिया है कि साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए मामले की गहनता से जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा गठित जांच समिति (SIT) पर परिवार को पूरा भरोसा है और वे जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे।
इस एनकाउंटर को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि भरत तिवारी एक मिलनसार, मददगार और सिस्टम की कमियों के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाने वाले व्यक्ति थे, जो कुछ स्थानीय रसूखदारों को खटक रहा था। लोगों का आरोप है कि इसी वजह से उन्हें साजिश के तहत रास्ते से हटाया गया है।
भरत तिवारी के भाई ने प्रशासन को साफ तौर पर 7 दिनों का कड़ा अल्टीमेटम दे दिया है। भाई ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि सात दिनों के भीतर भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला और दोषी पुलिसकर्मियों व साजिशकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे न्याय के लिए खुद मैदान में उतरेंगे और 'दूसरा भरत तिवारी' वो खुद बनेंगे।