
Bharat Bhushan Tiwari Encounter: भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर उनके गांव में महापंचायत आयोजित की जा रही है, जिसमें कई राज्यों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस महापंचायत में मामले की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई जाएगी।
कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर भरत तिवारी का एक पुराना वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे अपनी ‘अंतिम इच्छा’ और मोबाइल फोन का जिक्र करते नजर आते हैं। वीडियो में वे कहते हैं कि उनके जाने के बाद उनका मोबाइल केवल उनके माता-पिता के पास ही रहे, क्योंकि वही उनका अहम सबूत और जीवन का रिकॉर्ड है, जिसे मिटाया नहीं जा सकता और भविष्य में इसकी अहमियत काफी अधिक होगी। इधर, भरत तिवारी की मां और बहन ने आरोप लगाया है कि कथित फर्जी एनकाउंटर के बाद पुलिस उनके बेटे का मोबाइल अपने साथ थाने ले गई है और मांगने पर भी वापस नहीं कर रही है।
महापंचायत में अब भरत तिवारी के मोबाइल को परिजनों को सौंपने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। साथ ही इस मुद्दे को लेकर पुलिस पर दबाव बनाने की रणनीति पर भी चर्चा किए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, भरत के मोबाइल में कई वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से जुड़े कथित साक्ष्य होने की बात कही जा रही है। इसी कारण भरत तिवारी इस फोन को लेकर काफी आश्वस्त और चिंतित रहते थे।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मोबाइल में वास्तव में कौन-से दस्तावेज या जानकारियां मौजूद हैं। यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह फोन किसी बड़े खुलासे से जुड़ा हो सकता है, जिसे लेकर परिजनों द्वारा लगातार मोबाइल सौंपने की मांग की जा रही है।
इसके साथ ही महापंचायत में भरत भूषण तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह पुलिस मुठभेड़ थी या कथित फर्जी एनकाउंटर। घटना के एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस की ओर से अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।