पटना

‘रौब दिखाने के लिए नहीं है वर्दी और पिस्टल’, महिला थानों पर भड़के DGP; दूसरी शादी करने वालों को भी दिया अल्टिमेटम

Bihar DGP Vinay Kumar: बिहार DGP विनय कुमार ने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि वर्दी और पिस्टल रौब दिखाने के लिए नहीं है, बल्कि पीड़ितों की मदद के लिए है। डीजीपी ने चेतावनी दी कि जो दरोगा नौकरी मिलने के बाद पहली पत्नी को छोड़कर दूसरी शादी करते हैं या दहेज उत्पीड़न में शामिल हैं, उन्हें सेवा में रहने का कोई हक नहीं है। 

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May 12, 2026
बिहार पुलिस महानिदेशक विनय कुमार (फोटो- X@BiharHomeDept)

Bihar DGP Vinay Kumar:बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने पुलिस महकमे में अनुशासनहीनता, अनैतिकता और संवेदनहीनता के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को पटना के सरदार पटेल भवन में घरेलू और जेंडर आधारित हिंसा पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में डीजीपी ने महिला थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने साफ कहा कि वर्दी की आड़ में रौब दिखाने वाले और पीड़ितों को परेशान करने वाले पुलिसकर्मियों को सेवा में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

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पिस्टल और वर्दी एरोगेंसी के लिए नहीं मिली है

महिला थानों की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डीजीपी ने कहा कि थानों में आने वाली पीड़ित महिलाओं के साथ पुलिस अधिकारियों का व्यवहार अक्सर एरोगेंट रहता है। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों को वर्दी और पिस्टल मिली है तो इसका मतलब यह नहीं कि वो अहंकार में डूब जाएं। सबको पीड़ितों से सबसे सॉफ्ट तरीके से बात करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की जिम्मेदारी सिर्फ केस दर्ज करना ही नहीं, बल्कि पीड़ित को सुरक्षा और भरोसे का एहसास कराना भी है।

दरोगा बनकर पहली पत्नी को छोड़ा, तो जाएगी नौकरी

कार्यक्रम के दौरान डीजीपी ने सीतामढ़ी के एक मामले का जिक्र किया, जहां एक पुलिसकर्मी ने दरोगा बनने के बाद अपनी पहली पत्नी को छोड़कर दूसरी शादी कर ली। विनय कुमार ने कहा कि जो लोग शादी करने के बाद दरोगा बनने पर पहली पत्नी को छोड़ दूसरी शादी करते हैं, उन्हें नौकरी में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने सीतामढ़ी एसपी के नरम रवैये पर भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसे मामलों में केवल लाइन हाजिर करना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें तुरंत सस्पेंड कर सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

दहेज लोभी पुलिसकर्मियों को डूब मरना चाहिए

DGP विनय कुमार ने पुलिसकर्मियों के बीच दहेज के प्रति बढ़ती लालच पर नाराजगी जाहिर की। मोतिहारी में एक पुलिस अधिकारी ने एक पीड़ित से पैसे और एक गाड़ी की मांग की थी, इस मामले का जिक्र करते हुए DGP ने कहा कि अगर कोई पुलिस अधिकारी इस तरह का बर्ताव करता है, तो उसे शर्म से डूब मरना चाहिए। उन्होंने आगे बताया कि दहेज उत्पीड़न के मामलों में शामिल एक दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मियों के खिलाफ पहले ही अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

विनय कुमार ने गैंग कल्चर पर भी जताई चिंता

समाज में बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए डीजीपी ने कहा कि पहले गैंगरेप जैसी किसी एक घटना से पूरा जिला दहल जाता था, लेकिन अब हर तीन-चार दिन में ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों और उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर नजर रखें ताकि वे अपराध की राह पर न जाएं।

सिर्फ 2% मामले ही थानों तक पहुंचते हैं

विनय कुमार ने पुलिसिंग की एक बड़ी विफलता की ओर इशारा करते हुए कहा कि यौन उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के अधिकांश मामले किसी न किसी स्तर पर दबा दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सेक्सुअल हैरेसमेंट के सिर्फ 2 प्रतिशत मामले ही थाने में दर्ज हो पाते हैं। उन्होंने महिला थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे केवल दफ्तरों में न बैठें, बल्कि अपने क्षेत्रों में जाकर महिलाओं और पुरुषों से सीधा संवाद करें और जमीनी समस्याओं को समझें।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

डीजीपी ने स्पष्ट कर दिया कि जो पुलिसकर्मी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं या पीड़ितों को परेशान कर रहे हैं, उन्हें तत्काल सेवा से बाहर कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सोच गलत है कि काम हो या न हो, वेतन तो मिलता ही रहेगा। पुलिसकर्मियों को सिर्फ औपचारिकता निभाने की बजाय मानवीय संवेदना के साथ काम करना होगा।

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Published on:
12 May 2026 05:21 pm
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