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23 लाख छात्र फिर देंगे परीक्षा, तो कितने लाख लीटर तेल होगा बर्बाद? तेजस्वी यादव ने पीएम नरेंद्र मोदी से पूछा सवाल

NEET UG paper Leak: नीट परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा सवाल पूछा है कि देशभर के 552 शहरों में जब 23 लाख छात्र दोबारा परीक्षा देने जाएंगे, तो इसमें छात्रों को होने वाले आर्थिक व मानसिक कष्ट का हिसाब कौन देगा? 

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पटना

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Anand Shekhar

May 12, 2026

rjd leader tejashwi yadav on neet ug paper leak

राजद नेता तेजस्वी यादव

NEET UG Paper Leak:बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने NEET UG 2026 के पेपर लीक के कारण रद्द होने पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि पेपर लीक का यह अंतहीन सिलसिला देश के युवाओं के भविष्य को दीमक की तरह चाट रहा है।

552 शहरों का सफर और ईंधन की भारी बर्बादी

तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में कहा कि अब जब 23 लाख छात्र पुनर्परीक्षा के लिए दोबारा देशभर के विभिन्न 552 शहरों के सैंकड़ों परीक्षा केंद्रों पर जाएंगे, तो इसमें कितने लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल की बर्बादी होगी? क्या प्रधानमंत्री ने इस बात का मूल्यांकन और विश्लेषण किया है? तेजस्वी ने तर्क दिया कि एक छोटी सी प्रशासनिक चूक के कारण न केवल छात्रों का समय बर्बाद होता है, बल्कि देश के संसाधनों पर भी भारी बोझ पड़ता है।

सत्ता की मलाई और देश की रुलाई - तेजस्वी यादव

सरकार की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए तेजस्वी यादव ने इसे 'संयोग और प्रयोग वाला दांव' करार दिया। उन्होंने सवाल पूछते हुए लिखा कि क्या भाजपा की सरकारों में इतनी भी प्रशासनिक क्षमता, योग्यता और इच्छाशक्ति नहीं है कि एक सामान्य परीक्षा को बिना पेपर लीक हुए आयोजित कर सके? या फिर यह कोई ऐसा दांव है जिससे देश की रुलाई में भी सत्ता की मलाई मिलती रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक अब कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण में होने वाला एक सुनियोजित खेल बन गया है।

अभिभावकों पर आर्थिक और मानसिक चोट

तेजस्वी ने छात्रों के साथ-साथ उनके अभिभावकों के कष्टों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बार-बार परीक्षा रद्द होने से परिवारों को आर्थिक नुकसान तो होता ही है, साथ ही छात्र और उनके माता-पिता गहरे मानसिक तनाव से गुजरते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार को इस शारीरिक और मानसिक पीड़ा का अंदाजा है? उन्होंने सरकार से दिखावटी जांच की औपचारिकता छोड़कर आत्मनिरीक्षण करने को कहा।

तेजस्वी यादव की प्रधानमंत्री को नसीहत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि देश केवल भाषणों और जुबानी खर्च से नहीं चलता। उन्होंने शासन-प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार का उद्देश्य केवल विपक्षी दलों को निशाना बनाना रह गया है, जबकि आम लोगों की पीड़ा की उन्हें कोई परवाह नहीं है।