वरिष्ठ पत्रकार सतीश के. सिंह ने बिहार चुनाव 2025 को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया कि उनके भाई ने पीके को वोट दिया था, लेकिन वोट जन‑सुराज के खाते में नहीं गया।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में वोटिंग का नया रिकॉर्ड बना। बंपर वोटिंग के बाद बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बन गई है। लेकिन वोटिंग में गड़बड़ी की शिकायतें भी आ रही हैं। वरिष्ठ पत्रकार सतीश के. सिंह ने भी निजी अनुभव सार्वजनिक करते हुए गड़बड़ी की आशंका जताई है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सतीश सिंह के बयान का वीडियो अपने 'एक्स' हैंडल पर शेयर करते हुए कहा कि यह EVM का कमाल है। दिग्विजय सिंह ने अपनी पार्टी को भी निशाने पर लिया और कहा कि मेरी मांग पार्टी भी नहीं मान रही है।
उन्होंने लिखा- मैं यही बात 2019 से कह रहा हूं। VVPAT Unit को वोटिंग मशीन से जोड़ने के बाद EVM में डाला गया पार्टी का सिंबल मशीन द्वारा पहचाना जा सकता है। उन्होंने अपनी पुरानी मांग दोहराते हुए लिखा कि सिंबल लोडिंग यूनिट (एसएलयू) का सॉफ्टवेर सार्वजनिक किया जाए। VVPAT स्लिप मतदाताओं के हाथ में दिया जाए, जिसे बाद में मतदाता अलग से मतपेटी (Ballot Box) में डाल देगा। मतपेटी में डाली गई VVPAT स्लिप की 100% गिनती की जाए।
अंत में दिग्विजय सिंह ने लिखा कि मेरी ये साधारण मांग न तो न्यायालय मान रहा है और न मैं अपनी पार्टी के विद्वान नेताओं को मनवा सका हूं।
सतीश सिंह ने एक निजी टीवी चैनल के डिबेट शो में कहा, “मेरे भाई ने मुझे बताया कि उन्होंने PK (प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी) को वोट दिया था, लेकिन वोट कहीं और चला गया!' उनके दावे पर एंकर ने सवाल किया- आपको कैसे पता चला? इस पर पत्रकार ने बताया कि जिस बूथ पर उनके भाई ने वोट दिया वहां जनसुराज को एक भी वोट नहीं मिला बताया गया। सिंह ने यह बात बंगाल में अगले साल होने वाले चुनाव में जीत की संभावना से जुड़े एक सवाल के जवाब में कही। उन्होंने कहा- कौन जीतेगा, यह कहना मुश्किल है, क्योंकि आजकल करामाती नतीजे भी आते हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने अपने भाई के वोट का उदाहरण दिया।
सतीश सिंह के इस दावे पर जनसुराज के सीनियर नेता और पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने कहा- यह तो सिर्फ एक बानगी है। उन्होंने कहा, 'यदि इसकी ठीक से जांच हो जाए तो ऐसे कई और मामले सामने आ सकते हैं। हम लोग बूथ का पता कर रहे हैं, और इसके बाद चुनाव आयोग के पास अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे।'
इधर, कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी लंबे समय से वोट‑चोरी के आरोप लगा रहे हैं, और सतीश सिंह ने उस पर मुहर लगा दी है। तिवारी ने कहा कि बंपर वोटिंग बदलाव का संकेत होता है, लेकिन बिहार में पहली बार ऐसा हुआ कि बदलाव के लिए पड़े मतों की चोरी करके सरकार का गठन किया गया। उधर, आरजेडी ने कहा कि विपक्ष जो आरोप लगा रही है, सतीश सिंह ने उस पर मुहर लगा दी है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने 243 में से 202 सीटों पर जीत हासिल की। बीजेपी को 89, जदयू को 85, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 19, हम पार्टी को 5 और उपेंद्र कुशवाहा को 4 सीटें मिलीं। महागठबंधन को 243 में से केवल 35 सीटें मिलीं। आरजेडी को 25 और कांग्रेस को 6 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा है।
चुनाव आयोग के जिलावार आंकड़ों के अनुसार, बिहार के 38 जिलों में से 15 में महागठबंधन को एक भी सीट नहीं मिली। इधर, एनडीए को महागठबंधन के गढ़ माने जाने वाले मगध और भोजपुर में जबरदस्त सफलता मिली।
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