23 वर्षीय आराध्या को 12 अप्रैल की रात उसका पति दीपक अपने साथ ले गया था, जिसके बाद से वह लापता थी। इस मामले में पुलिस ने दीपक और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने दीपक और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। दीपक को अपनी पत्नी आराध्या की हत्या के आरोप में पकड़ा गया है और उसकी निशानदेही पर आराध्या का शव भी बरामद कर लिया गया है। 12 अप्रैल की रात दीपक के साथ घर से निकली आराध्या संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी और चार दिनों तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
परिजनों के अनुसार, 12 अप्रैल की रात करीब 10 बजे दीपक आराध्या को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर घर से ले गया था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। घर से निकलने के कुछ ही देर बाद आराध्या का मोबाइल फोन बंद हो गया। शुरुआत में परिजनों को लगा कि बैटरी खत्म होने के कारण फोन बंद हुआ होगा, लेकिन जब दो दिनों तक उसका कोई पता नहीं चला, तब उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी।
छपरा में किराए के मकान में रहने वाली आराध्या एक स्कूल टीचर थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आराध्या और दीपक का रिश्ता कई साल पहले शुरू हुआ था। दोनों आपस में रिश्तेदार थे और परिवार की मर्जी के खिलाफ उन्होंने चुपचाप शादी कर ली थी। इस शादी में दीपक के परिवार के कुछ सदस्य और आराध्या के स्कूल के कुछ सहकर्मी ही शामिल हुए थे।
बताया जाता है कि सामाजिक दबाव और परिवार के प्रभाव में आकर दीपक ने शादी के कुछ ही दिनों बाद आराध्या से दूरी बनानी शुरू कर दी। इसी बीच उसके परिवार ने कथित तौर पर उसकी दूसरी शादी तय कर दी। अधिकारियों के अनुसार, इसके बावजूद दोनों कभी-कभी साथ रहते थे।
पुलिस के अनुसार, दीपक परिवार के दबाव में आकर दूसरी शादी के लिए तैयार हो गया था, लेकिन आराध्या इसका विरोध कर रही थी। इसी बात से परेशान होकर उसने आराध्या की हत्या की साजिश रची। परिजनों के अनुसार दीपक आराध्या को छपरा से अपने साथ घर ले जाने के बहाने निकला और रास्ते में ही उसका गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसने शव को एक बोरे में भरकर अपने घर से करीब 15 किलोमीटर दूर सीवान–मसरख मुख्य सड़क के किनारे फेंक दिया। घटना के बाद दीपक ने कथित तौर पर 21 अप्रैल को सीवान में दूसरी शादी भी कर ली।
इधर, बेटी आराध्या के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने पर उसके पिता ने 16 अप्रैल को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि आराध्या के लापता होने और उसकी मौत के पीछे सीधे तौर पर दीपक का हाथ है। पिता के अनुसार, कई दिनों तक उससे कोई संपर्क नहीं हो सका। उन्होंने बताया, “उस रात से ही उसका फोन बंद है। हमने उसे काफी तलाश किया, लेकिन वह नहीं मिली।” इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए दीपक (30) और उसके परिवार पर शक भी जताया।
सारण पुलिस के अनुसार, आराध्या के पिता की शिकायत पर मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में तुरंत एक विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान टीम ने आराध्या का शव बरामद कर लिया, हालांकि वह काफी सड़-गल चुका था।
पुलिस ने बताया, “शव की स्थिति को देखते हुए छपरा के सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे विस्तृत पोस्टमॉर्टम के लिए पटना भेज दिया है।” उन्होंने यह भी कहा कि आगे की जानकारी के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इस मामले में पुलिस ने दीपक के साथ उज्ज्वल कुमार साह को भी गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। एक अधिकारी के मुताबिक, “दीपक से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने शुक्रवार शाम को शव बरामद किया।”