Bihar Police Viral Video: मधुबनी में गाड़ी चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों ने पूर्व वार्ड पार्षद को उसकी मोटरसाइकिल से नीचे गिरा दिया और फिर लात-घूंसों से उसकी बेरहमी से पिटाई की। यह पूरी घटना CCTV में कैद हो गई और वायरल हो गई, जिसके बाद SP ने दो पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया।
Bihar Police Viral Video: बिहार में पुलिस के बर्ताव पर एक बार फिर से सवाल उठ रहे हैं। इसका कारण मधुबनी जिले की पुलिस का एक वायरल वीडियो है। कोतवाली थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने एक मोटरसाइकिल सवार को उसकी बाइक से धक्का देकर गिरा दिया और फिर लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा। यह पूरी घटना 31 दिसंबर की रात को हुई और पास के एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, अब यह फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
31 दिसंबर की देर रात शहर में एक विशेष वाहन चेकिंग अभियान चल रहा था। इसी दौरान, पुलिस ने एक मोटरसाइकिल सवार को रोकने की कोशिश की। आरोप है कि मोटरसाइकिल सवार बिना रुके आगे बढ़ गया, जिससे मौजूद पुलिस अधिकारी गुस्सा हो गए। इसके बाद पुलिस ने मोटरसाइकिल सवार को लात मारी, जिससे वह गिर गया। जैसे ही वह जमीन पर गिरा, उन्होंने उस पर लात-घूंसों की बरसात कर दी।
वायरल हो रहे सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि आदमी के गिरने के बाद भी पुलिस अधिकारियों ने उसे नहीं छोड़ा और बेरहमी से पीटते रहे। आसपास मौजूद लोगों के सामने यह पूरी घटना हुई, लेकिन कोई भी बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। पिटाई इतनी गंभीर थी कि घायल आदमी को शुरुआती इलाज के बाद मधुबनी से दरभंगा रेफर करना पड़ा।
बाद में, घायल व्यक्ति की पहचान कोतवाली चौक के पास रहने वाले पूर्व वार्ड पार्षद राम उदगार यादव के रूप में हुई। मेडिकल जांच में पुष्टि हुई कि वह नशे में था, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे अगले दिन कोर्ट में पेश किया गया, जहां जुर्माना भरने के बाद उसे रिहा कर दिया गया। हालांकि, गिरफ्तारी से ज्यादा पुलिस की पिटाई की चर्चा हो रही है।
सीसीटीवी फुटेज वायरल होने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। लोग सोशल मीडिया पर इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स ने सवाल उठाया है कि कानून लागू करने के नाम पर एक नागरिक के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार कैसे किया जा सकता है। लोगों ने तर्क दिया कि अगर कोई गलती हुई भी थी, तो पुलिस को सड़क पर सजा देने के बजाय सही कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए था।
मामले ने तूल पकड़ा तो मधुबनी के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने इस पूरी घटना का संज्ञान लिया। सदर SDPO ने जांच की और उनकी रिपोर्ट के आधार पर मारपीट में शामिल कांस्टेबल तनवीर आलम और कांस्टेबल महेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं थाना इंचार्ज से भी इस संबंध में जवाब मांगा गया है।
SP योगेंद्र कुमार ने साफ तौर पर कहा कि कानून के तहत काम करते समय संयम और अनुशासन जरूरी है। किसी भी हालत में अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम कानून लागू करना है, न कि कानून को अपने हाथ में लेना।