7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

125 साल से बसे गरीबों को मिला घर खाली करने का नोटिस, बेतिया राज की जमीन से हटाए जाएंगे सैकड़ों परिवार

Bettiah Raj: पश्चिम चंपारण जिले के भितहा ब्लॉक में गरीब परिवारों को बेदखली के नोटिस दिए गए हैं। ये परिवार पिछले 125 सालों से बेतिया राज की जमीन पर रह रहे हैं। ये सभी मुसहर समुदाय के हैं।

2 min read
Google source verification

पटना

image

Anand Shekhar

Jan 05, 2026

Bettiah Raj

बेतिया राज (फोटो- Royal Bettiah Estate)

Bettiah Raj: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में बेतिया राज की जमीन पर पीढ़ियों से रह रहे परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। बेतिया के भितहा प्रखंड में बेतिया राज की जमीन पर दशकों से रह रहे सैकड़ों गरीब परिवारों को अब बेदखली के नोटिस दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन के इस एक नोटिस ने मुसहर समुदाय के सैकड़ों गरीब परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है।

355 परिवारों को बेदखली का नोटिस

भितहा अंचल कार्यालय ने जमुनिया गांव में बेतिया राज की जमीन पर रह रहे लगभग 355 परिवारों को नोटिस जारी किए हैं। बेतिया राज प्रबंधन के निर्देशों के आधार पर, प्रशासन ने इन लोगों से आवासीय जमीन खाली करने को कहा है। ये सभी परिवार मुसहर समुदाय के हैं।

125 साल से रह रहें

प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे पिछले 100 से 125 सालों से इस जमीन पर झोपड़ियां और मिट्टी के घर बनाकर रह रहे हैं। यही उनका एकमात्र सहारा है। दिहाड़ी मजदूरी करके गुजारा करने वाले इन लोगों के पास न तो कोई दूसरी जमीन है और न ही कहीं और घर बनाने के साधन हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बस्ती उनके पूर्वजों के समय से है। उनके बच्चे यहीं पैदा हुए हैं और उनका पूरा जीवन इसी गांव से जुड़ा है।

दस्तावेजों की मांग पर संकट

ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन उनसे जमीन से जुड़े दस्तावेज मांग रहा है, लेकिन उनके पुराने दस्तावेज बाढ़ और आग लगने जैसी आपदाओं में नष्ट हो गए। उनका दावा है कि उनके पूर्वजों को यह जमीन बेतिया राज ने दी थी, लेकिन अब दस्तावेजों की कमी के कारण उन्हें अतिक्रमणकारी बताया जा रहा है।

गरीबी उन्मूलन नीतियों पर सवाल

मुसहर समुदाय के लोगों ने सरकार की गरीबी उन्मूलन और आवास योजनाओं पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार गरीबों को घर देने की बात करती है और दूसरी तरफ उन लोगों को बेघर करने की कार्रवाई कर रही है जो पीढ़ियों से इस जमीन पर रह रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपनी जीवन भर की कमाई से अपने छोटे-मोटे घर बनाए हैं। ऐसे में अगर उन्हें बेदखल किया जाता है, तो उनके पास जाने के लिए कोई और जगह नहीं है।

वैकल्पिक व्यवस्था की मांग

प्रभावित परिवार अब सरकार और बेतिया राज प्रबंधन से दया की अपील कर रहे हैं। वे मांग कर रहे हैं कि उन्हें बेदखल करने के बजाय, उन्हें उसी जमीन पर बसने का अधिकार दिया जाए। इसके अलावा, वे अनुरोध कर रहे हैं कि जमीन उन्हें लीज पर दी जाए या नीलामी की प्रक्रिया फिर से शुरू की जाए। अगर हटाना जरूरी है, तो वे मांग करते हैं कि पहले उनके लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की जाए।

बेतिया राज प्रबंधन के निर्देश पर कार्रवाई

इस मामले में, भिटहा के सर्कल ऑफिसर (CO) मनोरंजन शुक्ला ने साफ किया कि यह कार्रवाई बेतिया राज प्रबंधन के निर्देशों के अनुसार की जा रही है। उन्होंने बताया कि बेतिया राज की जमीन पर किसी भी अतिक्रमण को हटाने का सरकारी आदेश है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों के प्रति नरमी बरती जाएगी या कार्रवाई की जाएगी, यह पूरी तरह से बेतिया राज मैनेजमेंट पर निर्भर करता है।