
Bihar Politics: 'मैं किसी मुर्दा कौम का नेता नहीं, बल्कि जिंदा कौम का नेता हूं। इसलिए भीख का कटोरा लेकर राजनीति नहीं करता।' बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन ने न्यूज चैनल बिहार तक को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही। उन्होंने इसके साथ ही दावा किया कि किसी की इतनी हैसियत नहीं है जो लवली आनंद का टिकट काट सके। साथ ही अपने विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे आग से खेलने की कोशिश न करें। आनंद मोहन के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है।
क्या लवली आनंद आगामी चुनाव जेडीयू के टिकट पर ही लड़ेंगी? तो उन्होंने कहा, "बेईमान लोग जेडीयू को रहने देंगे तब तो।" उनके इस बयान के बाद नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। आनंद मोहन ने जेडीयू के भविष्य पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें संशय है कि वर्ष 2029 तक पार्टी अपने मौजूदा स्वरूप में रहेगी। उन्होंने दावा किया कि जेडीयू को समाप्त करने या किसी अन्य स्वरूप में विलय कराने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की गई, लेकिन नीतीश कुमार के समय रहते सतर्क रहने के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।
एक सवाल के जवाब में आनंद मोहन ने कहा कि जेडीयू में उनके लिए नीतीश कुमार के अलावा कोई दूसरा आलाकमान नहीं है। यदि नीतीश कुमार की अस्वस्थता की स्थिति में पार्टी नेतृत्व उनकी पत्नी लवली आनंद का टिकट काट देता है, तो वे क्या करेंगे? इस पर आनंद मोहन ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करना उनके लिए नया नहीं होगा। वे पहले भी वैशाली और महसी जैसी सीटों पर अपने दम पर चुनाव जीत चुके हैं। आनंद मोहन ने कहा कि जनता का सीधा समर्थन उनके साथ है और वे किसी भी राजनीतिक परिस्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।