
बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल (फोटो- Dilip Jaiswal X)
Minister Dilip Jaiswal: बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में मंगलवार को एक छात्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य के राजस्व और भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने खुद को समाज सुधारक और बड़े नेता बताने वाले राजनेताओं पर हमला बोला और उनकी तुलना 'कुत्तों' से की। उन्होंने कहा कि सिर्फ अपना राजनीतिक कद बढ़ाने और बहुत सारा पैसा जमा करने से कोई सच्चा नेता नहीं बन जाता। पैसा कमाने और अपना पेट भरने का काम तो एक कुत्ता भी कर लेता है।
राजगीर में इस सम्मेलन में युवाओं और छात्रों को संबोधित करते हुए दिलीप जायसवाल ने किसी नेता का नाम तो नहीं लिया। लेकिन उन्होंने कहा कि बहुत से लोग यहां समाज सुधारने और बदलाव की बड़ी-बड़ी बातें करने चले आते हैं। लेकिन जब उनसे पूछा जाए कि क्या उन्होंने बिहार के अंदर जनता या गरीबों के बच्चों के लिए एक भी स्कूल बनवाया है, तो उनका जवाब ना में होता है। वे बस यह दंभ भरते हैं कि उन्होंने राजनीति के जरिए पैसा बहुत कमाया है। दिलीप जायसवाल ने इसी बात पर कहा कि कमाता तो कुत्ता भी है और अपनी जिंदगी तो कुत्ता भी पालता है, इसलिए सिर्फ धन इकट्ठा करना नेता होने की निशानी नहीं हो सकता।
भाषण के दौरान दिलीप जायसवाल ने नेताओं की सीधी तुलना कुत्ते से करते हुए 'कुत्ता जी' शब्द का इस्तेमाल किया और तंज कसा। उन्होंने हंसते हुए कहा कि अगर वह केवल कुत्ता बोलेंगे तो हो सकता है कि कुत्तों का कोई यूनियन हो और वे उन पर गुस्सा हो जाएं, इसलिए वे 'कुत्ता जी' बोलकर क्षमा मांगते हैं। उन्होंने आगे कहा कि कुत्ता जी भी कमाते हैं और अपनी जिंदगी जीते हैं, ठीक उसी तरह आज बहुत से लोग केवल ऐश-मौज और नेतागिरी करने के लिए राजनीति में चले आते हैं।
दिलीप जायसवाल ने कहा कि अगर किसी के पास सच में बहुत पैसा है, तो उसे अपनी राजनीति चमकाने के बजाय एक संत की तरह सब कुछ गरीबों के कल्याण पर न्योछावर कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो नेता गरीबों के लिए स्कूल नहीं खोल सकते, उनके इलाज के लिए अस्पताल नहीं बना सकते, लेकिन ऐश-मौज के लिए करोड़ों रुपये रखते हैं, ऐसे नेताओं का समाज से पूरी तरह बहिष्कार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार बदलने का ढोंग करने वाले ऐसे लोगों को लाठी मारकर भगाया जाना चाहिए।
अपने संबोधन के दौरान राजस्व मंत्री ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय वहां के युवाओं को उग्रवाद और अलगाववाद के रास्ते पर धकेल कर पत्थरबाज बना दिया गया था। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में धारा 370 को समाप्त किया जा रहा था, तब कश्मीर के अलगाववादी नेता डराते थे कि पूरा देश जल जाएगा। लेकिन सरकार के कुशल प्रबंधन के कारण वहां आग लगना तो दूर, एक छोटा सा धुआं तक नहीं उठा। आज कश्मीर के युवाओं के हाथों में पत्थर की जगह किताबें और कलम आ गई हैं।
दिलीप जायसवाल ने इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता की भारी बेचैनी के कारण कांग्रेस के राजकुमार देश की विचारधारा के खिलाफ जाकर देश विरोधी ताकतों की भाषा बोलने लगे हैं। उन्होंने वहां मौजूद छात्र-छात्राओं से अपील की कि साल 2047 तक विकसित भारत बनाने के प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने के लिए देश के संस्कारों और इसकी मूल विचारधारा की रक्षा करना आज के युवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
Published on:
30 Jun 2026 05:55 pm
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