पटना

बिहार SIR ने तोड़ा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, 124 साल की सबसे उम्रदराज महिला खोज निकाली?

दुनिया की सबसे बुजुर्ग जीवित महिला ब्रिटेन की एथेल कैटरहैम हैं।

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Aug 12, 2025
संसद भवन के बाहर बिहार की नई वोटर लिस्ट का विरोध करते विपक्षी सांसद। (फोटो सोर्स : @kcvenugopalmp)

बिहार की मतदाता सूची (SIR) ने इस बार ऐसा ‘रिकॉर्ड’ बनाया है, जिसे जानकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक वाले भी हैरान रह जाएं। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि बिहार के सिवान जिले की मिंटा देवी को मतदाता सूची में 124 साल की उम्र के साथ दर्ज किया गया है। अगर यह सच है तो मिंटा देवी न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया की सबसे उम्रदराज जीवित महिला बन जाती हैं। यह खबर बाहर आने के बाद महागठबंधन के दलों ने मिंटा देवी की तस्वीर लगी टीशर्ट पहनकर लोकसभा में प्रदर्शन किया।

दुनिया की सबसे बुजुर्ग जीवित महिला ब्रिटेन की

यह आंकड़ा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज उम्र के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देता है। मौजूदा समय में दुनिया की सबसे बुजुर्ग जीवित महिला ब्रिटेन की एथेल कैटरहैम हैं, जिनका जन्म 21 अगस्त 1909 को हुआ था।

सबसे ज्यादा उम्र की जीवित महिला इस समय ब्रिटेन में हैं।

30 अप्रैल को मिला यह खिताब

शोध संस्था LongeviQuest के मुताबिक, 30 अप्रैल 2025 तक उनकी उम्र 115 साल और 252 दिन थी। उन्होंने यह खिताब ब्राजील की 116 वर्षीय इनाह कैनाबारो लुकास के निधन के बाद हासिल किया।

बिहार SIR के बाद जारी ड्राफ्ट लिस्ट का हाल!

Bihar SIR में 119 से 124 साल की वोटर

लेकिन बिहार SIR में तो उम्र का पैमाना ही अलग नजर आ रहा है। एक ही दस्तावेज में मिंटा देवी के अलावा भागलपुर की आशा देवी 120 साल और गोपालगंज की ममताजुनिशा देवी 119 साल की बताई गई हैं। इस पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर डॉ. बेलैय्या नाइक तेजावत ने लिखा-दुनिया की सबसे उम्रदराज इंसान 115 साल… लेकिन बिहार में औसत महिला SIR के बाद 124 साल! यहां 115 साल से ऊपर के ढेरों लोग हैं, बिहार वाकई…!

INDIA गठबंधन करता रहेगा विरोध

वेणुगोपाल ने इसे मेगा वोटर फ्रॉड करार दिया और कहा कि INDIA गठबंधन तब तक विरोध करेगा, जब तक इस तरह की गड़बड़ियों को रोका नहीं जाता। उन्होंने चुनाव आयोग से पारदर्शी और विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार करने की मांग की।

जानकार बोले-डेटा एंट्री की गलती संभव

जानकारों का कहना है कि इस तरह के मामले अक्सर डेटा एंट्री की गलती, सत्यापन प्रक्रिया की ढिलाई या पुराने रिकॉर्ड को अपडेट न करने के कारण होते हैं।

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