
Bihar Student Protest: बिहार में शिक्षक भर्ती (BPSC TRE-4) के नोटिफिकेशन में लगातार देरी, परीक्षा पैटर्न में बदलाव और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की लंबित मांगों को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश फूट पड़ा है। मंगलवार को पटना के गर्दनीबाग विरोध स्थल पर छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों उम्मीदवार धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और शिक्षा विभाग को चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे के अंदर आधिकारिक TRE-4 नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया, तो वे शिक्षा मंत्री के सरकारी आवास का घेराव करेंगे और अपने विरोध को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में बदल देंगे।
गर्दनीबाग में आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता दिलीप कुमार ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग पर उम्मीदवारों को लगातार गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इतिहास में यह पहली बार है कि किसी परीक्षा का नोटिफिकेशन दो साल से लटका हुआ है और तारीखें बदलने के चक्कर में फंसा हुआ है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी पर निशाना साधते हुए हुए दिलीप कुमार ने कहा कि मंत्री सिर्फ मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए बयान देते हैं और उन्हें अखबारों में अपना नाम देखने का शौक है। उन्होंने कहा कि जुलाई बीत जाने के बाद भी नोटिफिकेशन क्यों जारी नहीं किया गया, जबकि मंत्री ने बार-बार दावा किया था कि इसे उसी महीने में जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों का सब्र अब जवाब दे चुका है। शिक्षा मंत्री को या तो 24 घंटे के अंदर नोटिफिकेशन जारी करवाना चाहिए या अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
दिलीप कुमार ने कहा कि अगस्त 2024 में होने वाली परीक्षा पहले ही दो साल देर हो चुकी है, इसलिए TRE-4 का आयोजन केवल एक चरण की एकल परीक्षा के आधार पर ही होना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि अगर आयोग और विभाग प्रीलिमिनरी (PT) और मुख्य परीक्षा वाला नया पैटर्न लागू करना चाहते हैं, तो सिलेबस पहले ही सार्वजनिक किया जाना चाहिए और नई व्यवस्था को आने वाली TRE-5 परीक्षा से लागू किया जाना चाहिए।
इसके अलावा, छात्रों ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) की भर्ती प्रक्रियाओं में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को दिए जाने वाले अतिरिक्त वेटेज को तुरंत हटाने की मांग की। उम्मीदवारों का तर्क है कि कॉन्ट्रैक्ट सर्विस के लिए यह वेटेज योग्य और बेरोजगार युवाओं को मौकों से वंचित करता है और गड़बड़ियों का एक नया जरिया बन रहा है। छात्रों ने BSSC की दूसरी इंटर-लेवल, CGL-4 और BSO परीक्षाओं की तारीखों की घोषणा करने, साथ ही लाइब्रेरियन भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, बिहार एलिजिबिलिटी टेस्ट (BET) आयोजित करने और BPSC सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी-मीडियम के छात्रों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करने की भी मांग की है।
उम्मीदवारों के विरोध और उनके इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए, बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस तरह का विरोध अनावश्यक है। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और TRE-4 भर्ती के लिए BPSC को पहले ही पत्र भेजा जा चुका है।
शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि BPSC आज या कल में कभी भी विज्ञापन जारी कर सकता है और घोषित रिक्तियों की संख्या पहले बताई गई संख्या से अधिक होगी। विरोध प्रदर्शन करने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब प्रक्रिया अंतिम चरण में हो, तब विरोध करना केवल राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने और पब्लिसिटी पाने की कोशिश है।