
दिल्ली से पटना पहुंचते ही बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए कहा, "सम्राट चौधरी की सोच में कोई बदलाव नहीं आया है। वे भले ही राज्य के मुख्यमंत्री बन गए हों, लेकिन वे चीफ मिनिस्टर नहीं, बल्कि 'चीप मिनिस्टर' हैं।" तेजस्वी यादव के इस बयान पर पलटवार करते हुए जदयू नेता और बिहार के डिप्टी सीएम विजेंद्र यादव ने कहा, "वह नौवीं फेल है, ज्ञान के अभाव में बहुत सी बातें बोलते रहता है। हम उनकी बातों पर ध्यान नहीं देते।" राज्य के खजाने के खाली होने संबंधी तेजस्वी यादव के आरोपों पर भी उन्होंने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव तथ्यों और जानकारी के अभाव में ऐसे बयान दे रहे हैं, जबकि सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर रही है।
पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के पास बिहार के विकास के लिए न तो कोई स्पष्ट नीति है और न ही सकारात्मक दृष्टिकोण। उनका कहना था कि सरकार संकीर्ण सोच से ग्रसित है और जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से काम नहीं कर रही है। लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती और आवास विवाद से जुड़े सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा कि एनडीए सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं और जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए आवास और सुरक्षा जैसे विषयों को अनावश्यक रूप से उछाल रही है।
उन्होंने आगे कहा, "बिहार के 'चीप मिनिस्टर' एनडीए के ऐसे लोगों को, जिन्हें हम अयोग्य, अक्षम, भ्रष्ट या आपराधिक प्रवृत्ति का मानते हैं, सरकारी खर्च पर उच्च श्रेणी की सुरक्षा और आवास उपलब्ध करा रहे हैं। इसके लिए किसी स्पष्ट मानक का पालन नहीं किया जा रहा और सुविधाएं रेवड़ी की तरह बांटी जा रही हैं।"
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार का खजाना पूरी तरह खाली हो चुका है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी, व्यापारी, किसान, नौजवान, मजदूर, छात्र और शिक्षक समेत समाज का हर वर्ग मौजूदा सरकार में परेशान है। उनके अनुसार राज्य में भ्रष्टाचार, अपराध, गरीबी और बेरोजगारी चरम पर है। NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बदहाल है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार जैसे समृद्ध राज्य की बागडोर अनुभवहीन लोगों के हाथों में होना किसी आपदा से कम नहीं है। हालांकि, उन्होंने विश्वास जताया कि समय आने पर राज्य की जनता इसका उचित जवाब देगी।