पटना

BPSC की आखों में धूल झोंककर इंटरव्यू तक पहुंची महिला, गड़बड़ी सामने आते ही आयोग ने बदला सिस्टम

एक महिला कैंडिडेट ने अपने एडमिट कार्ड में हेरफेर किया और किसी और के रोल नंबर का इस्तेमाल करके BPSC इंटरव्यू में पहुंच गई, लेकिन आयोग टीम ने जांच में उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
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Jan 21, 2026
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बिहार शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को झटका, 1 सितंबर से नहीं भर सकेंगे फॉर्म (File Photo)

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के इंटरव्यू स्टेज में एक बड़े फ्रॉड का खुलासा हुआ है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान अपने एडमिट कार्ड में हेरफेर करके एक महिला उम्मीदवार इंटरव्यू स्टेज तक पहुंच गई। ​​जांच से फ्रॉड का पता चलते ही आयोग ने तुरंत उम्मीदवार को डिसक्वालिफाई कर दिया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। इस घटना के बाद, आयोग ने इंटरव्यू प्रक्रिया को और ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए एक नया सिस्टम भी लागू किया है।

दूसरे उम्मीदवार के रोल नंबर का दुरुपयोग

आयोग के अनुसार, संबंधित महिला उम्मीदवार ने अपने ओरिजिनल रोल नंबर और एडमिट कार्ड को डिजिटली एडिट किया था। उसने अपना रोल नंबर बदलकर एक दूसरी महिला उम्मीदवार का रोल नंबर डाल दिया था, जिसे इंटरव्यू के लिए चुना गया था। जब आयोग की टीम ने सॉफ्टवेयर और डेटाबेस से डॉक्यूमेंट्स का मिलान किया, तो रोल नंबर और परीक्षा की डिटेल्स मैच नहीं हुईं। गहन जांच में एडमिट कार्ड में हेरफेर की पुष्टि हुई। जालसाजी की पुष्टि होने पर, आरोपी उम्मीदवार की पहचान की गई और उसे प्रक्रिया से हटा दिया गया।

नियमों के तहत कार्रवाई शुरू

BPSC ने कहा कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, इंटरव्यू, परीक्षाओं या किसी भी अन्य प्रक्रिया में जालसाजी, पहचान छिपाना और डॉक्यूमेंट्स में हेरफेर करना एक बहुत गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में, उम्मीदवारी तुरंत रद्द कर दी जाती है और उम्मीदवार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आयोग ने यह भी साफ किया कि इस जांच को भविष्य की परीक्षाओं के लिए एक संदर्भ के रूप में रिकॉर्ड किया जाएगा।

फ्रॉड के बाद BPSC ने 'नया इंटरव्यू सिस्टम' लागू किया

इस घटना के बाद, BPSC ने इंटरव्यू प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। आयोग ने अब इंटरव्यू बोर्ड के आवंटन के लिए लॉटरी सिस्टम लागू किया है। पहले, यह आवंटन सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडम तरीके से किया जाता था, जिसमें उम्मीदवार की कोई भागीदारी नहीं होती थी। अब, इंटरव्यू बोर्ड का आवंटन पहले से तय नहीं होगा। उम्मीदवार खुद एक कंटेनर से एक पर्ची निकालेंगे और उसे स्क्रैच करेंगे। पर्ची को स्क्रैच करने पर उन्हें पता चलेगा कि उनका इंटरव्यू किस बोर्ड द्वारा लिया जाएगा। इससे न केवल प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, बल्कि पहले से संपर्क, प्रभाव या पक्षपात की किसी भी संभावना को खत्म कर देगी।

आखिरी मिनट में तय होंगे बोर्ड में बैठने वाले विशेषज्ञ

न केवल बोर्ड के सदस्य, बल्कि बोर्ड में शामिल विषय विशेषज्ञों का चयन भी इंटरव्यू शुरू होने से पहले सॉफ्टवेयर-आधारित रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। इसके अलावा, अब कैंडिडेट के रोल नंबर की जगह एक कोड नंबर जारी किया जाएगा, ताकि बोर्ड को कैंडिडेट की पर्सनल पहचान, नाम, पता या प्रोफाइल की जानकारी न मिल सके। इससे किसी भी तरह के भेदभाव की संभावना खत्म हो जाएगी।

BPSC की कड़ी चेतावनी

BPSC ने साफ चेतावनी दी है कि परीक्षा के किसी भी स्टेज पर नकल या किसी और की जगह परीक्षा देना एक गंभीर अपराध है। ऐसे कैंडिडेट्स की न सिर्फ उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए ब्लैकलिस्ट भी कर दिया जाएगा और उन्हें कड़ी कानूनी सजा भी मिलेगी।

Updated on:
21 Jan 2026 08:10 pm
Published on:
21 Jan 2026 08:09 pm