पटना में TRE-4 परीक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जिसमें कई अभ्यर्थियों के घायल होने की सूचना है।
पटना में शिक्षक भर्ती TRE-4 परीक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान कई अभ्यर्थियों के घायल होने की सूचना है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी TRE-4 के लिए जल्द रिक्तियां जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। बीपीएससी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वे मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ना चाह रहे थे। पुलिस द्वारा रोकने पर अभ्यर्थी आक्रोशित हो गए और बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई अभ्यर्थियों के घायल होने की खबर है।
शिक्षक भर्ती TRE-4 का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर शुक्रवार को सैकड़ों अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से विरोध मार्च निकाला। अभ्यर्थी सरकार और बीपीएससी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो अभ्यर्थी आक्रोशित हो गए। इस दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच पहले नोकझोंक हुई, लेकिन विवाद बढ़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थियों के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि सरकार लगातार भर्ती प्रक्रिया में देरी कर रही है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। पुलिस ने इस मामले में छात्र नेता दिलीप कुमार समेत करीब दो दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया है।
शिक्षा विभाग ने कुछ दिन पहले छात्र नेताओं से कहा था कि 19-20 अप्रैल तक TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा और 26 अप्रैल तक आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। लेकिन तय तारीख गुजरने के बाद भी बीपीएससी की ओर से विज्ञापन जारी नहीं किया गया। इससे TRE-4 अभ्यर्थियों में आक्रोश बढ़ गया और वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।
अभ्यर्थियों का कहना है कि बीपीएससी कैलेंडर के अनुसार TRE-4 परीक्षा 24 अगस्त 2024 को होनी थी और 24 सितंबर 2024 तक इसका रिजल्ट भी जारी होना था। लेकिन अब 2026 आ गया और अभी तक विज्ञापन भी जारी नहीं हुआ है।
बीपीएससी ने फरवरी के दूसरे सप्ताह में एक नोटिस जारी कर जल्द TRE-4 का विज्ञापन जारी करने की बात कही थी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। अभ्यर्थियों का आरोप है कि लगातार देरी की वजह से हजारों उम्मीदवारों की उम्र सीमा समाप्त होती जा रही है, जबकि सरकार और बीपीएससी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।