
Gyanesh Kumar on Bihar voter turnout: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार रविवार को दो दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचे। इस दौरान 'इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब' के राज्य-स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने चुनाव में बिहार के मतदाताओं की भागीदारी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की पवित्र भूमि बिहार ने चुनावी भागीदारी के मामले में बड़े विकसित लोकतांत्रिक देशों को भी पीछे छोड़ दिया है और एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने कहा कि वे वैशाली और बिहार की पवित्र भूमि को नमन करने आए हैं, वैशाली लोकतंत्र की जन्मस्थली रही है और बिहार के नागरिकों में जन भागीदारी की भावना हमेशा से मजबूत रही है। उन्होंने कहा कि देश भर में मतदाता सूची के शुद्धिकरण (SIR) का सबसे सफल और प्रभावी अभियान बिहार से ही शुरू हुआ था, जिसने पारदर्शी और निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था को और मजबूत किया।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दर्ज वोटिंग के आंकड़े ऐतिहासिक थे। यह न केवल आजादी के बाद राज्य में सबसे अधिक मतदान था, बल्कि अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन और जापान जैसे विकसित देशों के आम चुनावों में दर्ज मतदान से भी काफी अधिक था। CEC ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर बिहार की जनता ने यह साबित कर दिया है कि जन भागीदारी ही लोकतंत्र की असली ताकत है।
CEC के दो दिन के दौरे का मुख्य मकसद नए और युवा (Gen-Z) वोटरों से सीधे बातचीत करना और चुनावी प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के साथ चर्चा करना है। सोमवार को वह नालंदा में BLOs से बातचीत करेंगे और जमीनी स्तर के अनुभवों, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी, चुनावी साक्षरता, डिजिटल जागरूकता और लोकतंत्र में नागरिकों की प्रभावी भूमिका जैसे अहम विषयों पर चर्चा करेंगे।
इसके अलावा, पटना और नालंदा दोनों जगहों पर चुनाव आयोग की विभिन्न पहलों और उपलब्धियों को दिखाने वाली एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। बिहार दौरे के दौरान ज्ञानेश कुमार सीतामढ़ी, मधुबनी और वैशाली भी जाएंगे। वे राज्य की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी अहम जगहों का दौरा करेंगे।