पटना

2 साल पहले 2 दोस्तों के साथ घर से निकला था चंदन, अब नाले से मिला कंकाल; SIT ने ऐसे सुलझाई उलझी हुई गुत्थी

गोपालगंज पुलिस ने करीब दो साल पुराने एक ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए जेसीबी की मदद से नाले की खुदाई कर शव के अवशेष बरामद किए हैं। पुलिस ने इस मामले में हत्या में संलिप्त दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है।

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Apr 22, 2026
चंदन (फाइल फोटो)। फोटो- गोपालगंज पुलिस

गोपालगंज पुलिस ने करीब दो साल पुराने एक ब्लाइंड मर्डर केस का मंगलवार को खुलासा किया। पुलिस जांच में सामने आया कि लगभग दो वर्ष पहले चंदन अपने दो दोस्तों के साथ एक तिलक समारोह में जाने के लिए घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। चंदन की मां की शिकायत पर पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि स्मैक के अवैध कारोबार में साथ जुड़े उसके ही साथियों ने चंदन की हत्या कर दी थी। गोपालगंज पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए चंदन के दोनों दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर जेसीबी की मदद से नाले की खुदाई की गई, जहां से चंदन के नरकंकाल के अवशेष बरामद किए गए।

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क्या है पूरा मामला

पूरे मामले की जानकारी देते हुए चंदन की मां ने कहा कि मेरा बेटा 19 वर्षीय चंदन 28 फरवरी, 2024 की शाम को अपने दो जान-पहचान के युवकों के साथ एक तिलक समारोह में शामिल होने के लिए घर से निकले थे, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटे।चंदन की मां सविता देवी की शिकायत के अनुसार, वह शाम करीब 6 बजे गांव के ही दो युवकों, मन्नू कुमार और दीपक कुमार के साथ घर से निकले थे। तीनों युवक उसी इलाके के रहने वाले थे। जब रात 8 बजे तक चंदन घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला।

बेटे के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने पर सविता देवी ने जब उन तीनों युवकों से संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि वे “करीब 30 मिनट पहले घर लौट आए थे और चंदन भी अपने घर के लिए निकल गया था।” हालांकि इसके बावजूद चंदन घर नहीं पहुंचा, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई। इसके बाद सविता देवी ने अनहोनी की आशंका जताते हुए कुचायकोट थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 1 मार्च, 2024 को आईपीसी की धारा 365 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन शुरुआती जांच के बावजूद मामला लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ सका और चंदन का कोई सुराग नहीं मिला।

चंदन की मांसविता देवी

SIT गठित और नए सिरे से खुलासा

गोपालगंज एसपी विनय तिवारी ने इस मामले में बताया कि हालांकि यह केस फरवरी 2024 में दर्ज किया गया था, लेकिन लगभग दो साल तक इसकी जांच ठीक से आगे नहीं बढ़ पाई। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में मामला एक संभावित रोमांटिक एंगल की ओर गया था, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिल सका। इसी बीच चंदन की मां लगातार पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपने बेटे की तलाश की गुहार लगाती रहीं और मामले में पुलिस की लापरवाही की शिकायत करती रहीं। उनके लगातार प्रयासों और शिकायतों के बाद एसपी ने स्वयं इस केस की समीक्षा की। एसपी ने बताया कि 15 मार्च के बाद मामले को फिर से सक्रिय किया गया और 28 फरवरी, 2024 की घटनाओं का नए सिरे से विश्लेषण किया गया। इसके बाद कुचायकोट थाना के इंस्पेक्टर हरेंद्र (DIU इंचार्ज), ओम प्रकाश और राजेश चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया।

क्यों हुई हत्या?

नई जांच के दौरान पुलिस ने पहले की रोमांटिक रिश्ते वाली थ्योरी को खारिज कर दिया। इसके बाद जांच का फोकस चंदन के साथ आखिरी बार देखे गए तीन युवकों पर केंद्रित किया गया। फरवरी से अप्रैल 2024 के बीच की गई तकनीकी जांच में उनके संदिग्ध गतिविधियों का पता चला। एसपी ने बताया कि घटना के बाद तीनों युवकों ने अपने परिवार से दूरी बना ली थी और मामले को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी थी।

साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दीपक कुमार और मन्नू कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि चंदन की गुमशुदगी नहीं, बल्कि 28 फरवरी, 2024 की रात ही उसकी हत्या कर दी गई थी और बाद में शव को ठिकाने लगा दिया गया था। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे तीनों के बीच हुआ विवाद था। बताया जाता है कि तीनों कूड़ा बीनने का काम करते थे और नशे के आदी थे। कबाड़ इकट्ठा करने के तय इलाकों को लेकर विवाद बढ़ गया था। एसपी ने बताया कि चंदन द्वारा दीपक और मन्नू के क्षेत्रों में काम करने को लेकर तनाव उत्पन्न हुआ, जो इस वारदात की वजह बना।

हत्या की साजिश से लेकर नाले में कंकाल बरामद

पुलिस के अनुसार मन्नू ने दीपक की मदद से कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई थी। उसी रात चंदन की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद मन्नू ने शव को लगभग 100 मीटर तक घसीटकर सड़क किनारे नाले में फेंक दिया, जिसके बाद दोनों अपने घर लौट गए। शक से बचने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ित के परिजनों के साथ तलाशी अभियान में भी हिस्सा लिया और इस दौरान परिवार तथा पुलिस दोनों को गुमराह किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कबूलनामे के बाद टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर नाले से कंकाल के अवशेष बरामद किए।

अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है और आगे की वैज्ञानिक जांच जारी है। एसपी ने प्रारंभिक जांच में हुई चूक को स्वीकार करते हुए कहा कि कुचायकोट थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष की लापरवाही सामने आई है, जिसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव दिया जा रहा है। पुलिस ने यह भी बताया कि चार्जशीट दाखिल करने के लिए आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। वहीं, लंबे समय से लंबित मामलों के निष्पादन को देखते हुए एसपी विनय तिवारी ने इस केस के खुलासे में शामिल तीन टीमों को 5,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

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Updated on:
22 Apr 2026 04:53 pm
Published on:
22 Apr 2026 04:32 pm
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