बिहार के नालंदा जिले में मंगलवार को मघड़ा शीतला मंदिर में पूजा के दौरान भगदड़ मच गई। चैत महीने का आखिरी मंगलवार होने की वजह से यहां भीड़ जुटी हुई थी।
Shitla Mata Mandir Nalanda: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में चैती मेले का उत्सव एक दुखद घटना में बदल गया। मंगलवार को बिहारशरीफ के दीप नगर थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध और पूजनीय मगरा शीतला मंदिर में जुटी भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई। इस घटना में मौके पर आठ महिला श्रद्धालुओं की जान चली गई है, जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद, मंदिर परिसर से लेकर मॉडल अस्पताल तक अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल छा गया है। प्रशासन इस वक्त राहत कार्यों में जुटा हुआ है। घटना के बाद पटना कमिश्नर को बिहारशरीफ भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए हैं। दीपनगर थाने के SHO को सस्पेंड कर दिया गया है।
आज चैत्र महीने का आखिरी मंगलवार है, इसी वजह से मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। सुबह से ही मंदिर में भीड़ लगने लगी थी। चश्मदीदों के अनुसार, मंदिर परिसर के अंदर पहले दर्शन करने की होड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते एक बड़ी भगदड़ मच गई। इस अफरातफरी में कई लोग भीड़ में दब कर घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज बिहार शरीफ के मॉडल अस्पताल में चल रहा है।
हादसे की जानकारी मिलते ही पटना जोन के IG जितेंद्र राणा, पटना कमिश्नर और अन्य अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। हालात पर काबू पाने के लिए घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। दीप नगर पुलिस थाने के जवान, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय रूप से जुटे रहें। मंदिर परिसर को खाली करा दिया गया है।
नालंदा के SP भारत सोनी ने बताया, 'आज सुबह हमें मंदिर में असामान्य रूप से भारी भीड़ होने की सूचना मिली। जब महिलाएं अपनी रस्मी स्नान के बाद मंदिर परिसर में प्रवेश कर रही थीं, तो दम घुटने और पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के कारण कई महिलाएं बेहोश होकर गिरने लगीं। इस अफरा-तफरी के बीच, भीड़ बेकाबू हो गई, जिसके चलते यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई। घटनास्थल पर पहले से ही सुरक्षाकर्मी तैनात थे। इतनी भारी भीड़ जुटने की पहले से सूचना नहीं दी गई थी।'
भरत सोनी ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक SIT का गठन किया गया है। FSL की एक टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है और फिलहाल CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। यदि किसी भी तरह की लापरवाही साबित होती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना में आठ लोगों की जान चली गई है और आठ अन्य के घायल होने की खबर है। इस हादसे में मारे गए लोगों के आश्रितों के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 6 लाख रुपये मुआवजे का भी ऐलान किया है।
भगदड़ के कारण नौ लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए नालंदा के सिविल सर्जन जय प्रकाश सिंह ने कहा, 'घटनास्थल से 8 लोगों की डेड बॉडी आई थी। एक घायल व्यक्ति को रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही चोटों के कारण उसकी भी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही हमें तुरंत अलर्ट कर दिया गया था। अस्पताल में सभी डॉक्टर तैनात थे, अस्पताल आने के बाद किसी को कोई दिक्कत नहीं, घायलों का इलाज चल रहा है।'
मगरा गांव एक प्राचीन सिद्धपीठ ) के रूप में प्रसिद्ध है। ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, गुप्त काल के दौरान चीनी यात्री फ़ाह्यान ने इसी स्थान का दौरा किया था और देवी शीतला की आराधना की थी। जिला मुख्यालय से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस मंदिर में 10 मार्च को मेला शुरू हुआ था।