पटना

Video: चिराग पासवान ने चाचा पारस के पैर छुए, बड़ी मां से गले मिल रो पड़े; क्या फिर एक होगा पासवान परिवार?

बिहार की राजनीति में एक नई चर्चा शुरू हो गई है कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति पारस के बीच फिर से सुलह हो सकती है। इसकी वजह वह मुलाकात है जो चिराग और पारस के बीच चिराग पासवान के पैतृक आवास पर हुई थी।

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Mar 24, 2026
अपने चाचा और बड़ी मां से मिलते चिराग पासवान (फ़ोटो- X)

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। चिराग पासवान सोमवार को खगड़िया के अलौली ब्लॉक में स्थित अपने पैतृक गांव शहरबन्नी पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपने दिवंगत चाचा अर्जुन पासवान को श्रद्धांजलि दी। यह अवसर बेहद गमगीन था, लेकिन इस मौके से सामने आई तस्वीरों ने बिहार की राजनीति में पासवान परिवार के संभावित मिलन को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है। शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने पहुंचे चिराग ने न केवल अपने चाचा पशुपति कुमार पारस का आशीर्वाद लिया, बल्कि अपनी चाची को गले लगाते हुए उनकी आंखों से आंसू भी छलक पड़े।

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चिराग ने चाचा के पैर छुए

पार्टी और परिवार में आई ऐतिहासिक दरार के बाद यह दुर्लभ मौका था जब चिराग पासवान और पशुपति कुमार पारस एक ही छत के नीचे मौजूद थे। जैसे ही चिराग की नजर अपने चाचा पारस पर पड़ी, वह तुरंत आगे बढ़े और श्रद्धापूर्वक उनके पैर छुए। बदले में, पशुपति पारस ने एक अभिभावक की तरह अपने भतीजे के सिर पर हाथ रखा और उन्हें अपना आशीर्वाद दिया।

प्रिंस से भी मुलाकात की

इस दौरे के दौरान, चिराग ने अपने छोटे चचेरे भाई और पूर्व सांसद प्रिंस राज से भी मुलाकात की। दोनों भाइयों ने एक-दूसरे को गले लगाया, यह एक बेहद भावुक पल था, जिसने वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं की आंखों में भी आंसू ला दिए। बताया जा रहा है कि चाचा और भतीजे के बीच कुछ देर बातचीत भी हुई। हालांकि, बंद दरवाजों के पीछे क्या बातचीत हुई इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन इस मुलाकात ने चाचा और भतीजे के बीच संभावित सुलह की उम्मीदों को निश्चित रूप से बढ़ा दिया है।

पिता और चाचा को श्रद्धांजलि दी

अपने पैतृक आवास पर पहुंचने के बाद, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सबसे पहले भारतीय राजनीति के दिग्गज नेता और अपने दिवंगत पिता राम विलास पासवान, तथा अपने अन्य पूर्वजों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद, उन्होंने अपने हाल ही में दिवंगत हुए चाचा अर्जुन पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस गमगीन माहौल के बीच, चिराग ने शोक संतप्त परिवार के साथ काफी समय बिताया, जहां उन्होंने रिश्तेदारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और उनका हालचाल पूछा।

पिता और चाचा को श्रद्धांजलि दी

अपने पैतृक आवास पर पहुंचने के बाद, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सबसे पहले भारतीय राजनीति के दिग्गज नेता और अपने दिवंगत पिता राम विलास पासवान, तथा अपने अन्य पूर्वजों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद, उन्होंने अपने हाल ही में दिवंगत हुए चाचा अर्जुन पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस गमगीन माहौल के बीच, चिराग ने शोक संतप्त परिवार के साथ काफी समय बिताया, जहाँ उन्होंने रिश्तेदारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और उनका हालचाल पूछा।

बड़ी मां को गले लगाते ही छलक पड़े आंसू

चाचा पारस से मुलाकात से पहले चिराग पासवान अपनी बड़ी मां राजकुमारी देवी के पास पहुंचे। जैसे ही चिराग ने उनके पैर छुए, बड़ी मां ने उन्हें गले से लगा लिया। इस दौरान चिराग पासवान खुद को संभाल नहीं पाए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। चिराग ने अपनी बड़ी मां के साथ काफी देर तक बातचीत की और उनके हालचाल व स्वास्थ्य के बारे में पूछा। चिराग ने खुद इस मार्मिक पल की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा कीं।

क्या फिर एक होगा पासवान परिवार?

खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा और हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में शहरबन्नी में हुई इस मुलाकात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या पशुपति पारस और चिराग पासवान एक बार फिर एक ही राजनीतिक दल के बैनर तले साथ दिखाई देंगे? क्या प्रिंस राज और चिराग पासवान के बीच की दूरियां अब पूरी तरह से मिट गई हैं? अब इन सवालों के जवाब अब या तो चिराग पासवान दे सकते हैं या फिर पशुपति पारस। अब आगे जो भी बिहार की राजनीति में दोनों के साथ आने की चर्चा तो शुरू हो गई है।

अगला CM BJP से होने चाहिए: चिराग

इससे पहले, चिराग पासवान ने बिहार की राजनीति को लेकर एक अहम बयान भी दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई सरकार के स्वरूप को लेकर NDA के भीतर आम सहमति बन गई है। चिराग ने साफ तौर पर कहा कि उनकी प्राथमिकता यह है कि बिहार के अगले मुख्यमंत्री BJP से ही हों। उन्होंने आगे कहा कि सरकार चाहे किसी के भी नेतृत्व में बने, नीतीश कुमार का अनुभव और मार्गदर्शन हमेशा अनिवार्य रहेगा। चिराग ने एक बार फिर दोहराया कि वह खुद मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में शामिल नहीं हैं।

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Updated on:
24 Mar 2026 02:08 pm
Published on:
24 Mar 2026 02:06 pm
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