Patna Metro: बिहार की राजधानी पटना आज एक ऐतिहासिक दिन का गवाह बनने जा रही है। वर्षों से इंतज़ार कर रहे निवासियों के लिए खुशखबरी यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पटना मेट्रो के पहले चरण का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही बिहार उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा जहाँ मेट्रो ट्रेनें चलती हैं।
Patna Metro: बिहार की राजधानी पटना सोमवार को एक ऐतिहासिक पल का गवाह बनेगी। आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की पहली मेट्रो ट्रेन का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित कई नेता और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस उद्घाटन के साथ ही बिहार देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां मेट्रो ट्रेन दौड़ती है।
ये भी पढ़ें
पटना मेट्रो परियोजना के पहले चरण में आईएसबीटी से भूतनाथ रोड तक यात्रियों के लिए ट्रेन शुरू की जा रही है। इस रूट पर तीन प्रमुख स्टेशन हैं, आईएसबीटी स्टेशन, जीरो माइल स्टेशन और भूतनाथ रोड स्टेशन। आगे चलकर यही रूट पटना जंक्शन और मलाही पकड़ी तक विस्तारित किया जाएगा। पूरे पहले फेज की लंबाई लगभग 14 किलोमीटर होगी।
यात्रियों के लिए मेट्रो की सुविधा सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध रहेगी। शुरुआती चरण में हर 20 मिनट के अंतराल पर ट्रेनें मिलेंगी। यानी अगर आप एक ट्रेन मिस कर दें, तो सिर्फ 20 मिनट बाद अगली ट्रेन तैयार होगी। आने वाले महीनों में यह फ्रीक्वेंसी घटाकर हर 10 मिनट कर दी जाएगी, ताकि यात्रियों को और अधिक सुविधा मिल सके।
पटना मेट्रो का किराया बेहद सस्ता रखा गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका उपयोग कर सकें। यात्री स्मार्ट कार्ड, यूपीआई और क्यूआर टिकट से भुगतान कर सकेंगे। सभी स्टेशन पर ऑटोमैटिक टिकट मशीन (TVM) लगाई गई हैं ताकि यात्रियों को कतारों में न लगना पड़े।
पटना मेट्रो के कोच अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। हर कोच में सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी पैनिक बटन, और ऑटोमैटिक दरवाजे लगाए गए हैं। ट्रेन की अधिकतम स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक होगी। सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ (CISF) को सौंपी गई है, जो दिल्ली मेट्रो की तरह सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी।
पटना मेट्रो के हर स्टेशन को स्थानीय कला और संस्कृति की झलक देने के लिए तैयार किया गया है। आईएसबीटी स्टेशन को “गेटवे ऑफ पटना” थीम पर डिज़ाइन किया गया है जबकि भूतनाथ स्टेशन पर मधुबनी और मिथिला कला की झलक देखने को मिलेगी। इससे यात्रियों को यात्रा के साथ-साथ बिहार की सांस्कृतिक पहचान का अनुभव भी होगा।
दोनों कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 32 किलोमीटर होगी। भविष्य में इन दोनों रूटों के बीच इंटरचेंज स्टेशन भी बनाए जाएंगे ताकि यात्री एक लाइन से दूसरी लाइन में आसानी से जा सकें।