मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को DM-SP के साथ सीधा संवाद किया। इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की विधि-व्यवस्था को लेकर कड़े तेवर दिखाए और पुलिस प्रशासन को अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए खुली छूट दे दी।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कानून-व्यवस्था पर अपना रुख पूरी तरह से साफ कर दिया है। गुरुवार को पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ सीधा संवाद किया। इस बातचीत के दौरान उन्होंने पुलिस को सख्त निर्देश दिए और उन्हें अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए पूरी छूट दी।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ होने वाले अपराधों के संबंध में कडा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो लोग बच्चियों के खिलाफ क्रूरतापूर्ण और जघन्य कृत्य करते हैं, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड़ित बच्चियों या मृतक बच्चियों की तेरहवीं से पहले अपराधी की फोटो को माला पहना दीजिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में तत्काल केस दर्ज कर, तुरंत चार्जशीट दाखिल की जाए और कोर्ट के माध्यम से अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की कार्य संस्कृति पर भी नकेल कसी। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी अत्यंत आवश्यक और अनिवार्य कार्य को छोड़कर सभी DM और SP को अनिवार्य रूप से सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहना होगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान अधिकारियों को जनता की शिकायतों को सुनना चाहिए, उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पीड़ितों को न्याय मिले। अपने 27 वर्षों के अनुभव का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सही मानसिकता वाले अधिकारियों को जिला स्तर पर तैनात किया जाए, तो 75% समस्याएं अपने आप ही हल हो जाती हैं।
बिहार में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने हर जिले में औद्योगिक केंद्र स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि दूसरे राज्यों से बिहार में निवेश करने आने वाले उद्योगपतियों को पूरी सुरक्षा दी जानी चाहिए। इस उद्देश्य से उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हर निवेशक के साथ एक नामित अधिकारी को नियुक्त करें ताकि सभी जरूरी संसाधन और सहायता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक के दौरान बिहार को स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में आगे ले जाने के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग के संबंध में चर्चा की गई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से अपराध नियंत्रण, डेटा विश्लेषण और निगरानी प्रणालियों को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने 'डायल 112' आपातकालीन सेवा को और मजबूत करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर पुलिस की प्रतिक्रिया का समय कम से कम किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने और ठोस नतीजे देने का निर्देश देते हुए, उन्होंने घोषणा की कि वे दो महीने बाद एक समीक्षा बैठक करेंगे। इस दौरान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भी अधिकारियों से अपनी पूरी क्षमता और काबिलियत का इस्तेमाल करने का आग्रह किया। इस कार्यशाला में IG और DIG रैंक के कई राज्य-स्तरीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा भी शामिल थे।