पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड की जांच के दौरान SIT को हॉस्टल के कमरों के दरवाजों पर 'कोड वर्ड' और संदिग्ध मैसेज मिले हैं, जिससे पुलिस की चिंता बढ़ गई है।
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET एग्जाम की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत और कथित रेप के मामले में पटना पुलिस SIT की जांच अब हॉस्टल की दीवारों और दरवाजों पर लिखे अजीब 'कोड वर्ड' तक पहुंच गई है। मामले की जांच कर रही पुलिस SIT टीम मंगलवार को मुन्ना चक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में फिर से गई थी। सचिवालय DSP-1 अनु कुमारी और कदमकुआं स्टेशन हाउस ऑफिसर जन्मेजय शर्मा के नेतृत्व में टीम ने करीब एक घंटे तक हॉस्टल की तलाशी ली।
टीम ने ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवीं मंजिल तक कमरों, गलियारों, दीवारों और बंद कमरों की तलाशी ली। SIT पहले भी इस हॉस्टल की तलाशी ले चुकी है, लेकिन इस बार टीम ऐसे खास सुराग ढूंढ रही थी जो पक्के सबूत बन सकें। पुलिस को यह भी शक था कि बिल्डिंग में ही कोई घटना हुई थी जिससे छात्रा बीमार पड़ी। हालांकि, हॉस्टल की तीन-चार बार तलाशी के बाद भी पुलिस को वहां किसी घटना का कोई सबूत नहीं मिला है।
तलाशी के दौरान पुलिस ने दरवाजों पर लिखे कुछ ऐसे नोट और वाक्य देखे जो असामान्य थे। कुछ दरवाजों पर "डेंजर जोन, If You are friendly, so you can come in, Danger! So hotness inside" जैसे शब्द लिखे मिले। SIT ने इन शब्दों को हल्के में नहीं लिया और इन्हें जांच में शामिल किया, जिससे इनके बैकग्राउंड और इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह 'कोड वर्ड' मजाकिया हॉस्टल कल्चर का हिस्सा है या किसी एक्टिविटी, पहचान या मैसेज का सिग्नल है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कई शहरों में हॉस्टल और PG में अंदरूनी कोड सिस्टम मजाक के तौर पर या प्राइवेट ग्रुप में इस्तेमाल होते हैं, लेकिन यहां मामला एक NEET छात्रा की मौत का है और परिवार पहले ही आरोप लगा चुका है कि हॉस्टल में घिनौने काम हुए थे। इसलिए, SIT फिलहाल इस संभावित एंगल को छोड़ने के मूड में नहीं है।
SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने पटना AIIMS से 25 बिंदुओं पर एक्सपर्ट राय मांगी है, जिसमें यौन उत्पीड़न, नाखूनों के निशान, ड्रग्स का इस्तेमाल, शरीर पर चोटें, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की सटीकता और मौत का कारण शामिल हैं। वे कपड़ों, सैंपल और बायोलॉजिकल मटीरियल पर FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) रिपोर्ट का भी इंतजार कर रहे हैं। विसरा सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस यह पक्का करना चाहती है कि मेडिकल और फोरेंसिक पहलुओं को नजरअंदाज न किया जाए, क्योंकि ये मामले में अहम सबूत हो सकते हैं।
वहीं FSL से पूछा गया है कि छात्रा के कपड़ों पर मिले सैंपल क्या बताते हैं? क्या छात्रा की मौत नींद की गोलियां खाने से हुई? उसकी मौत की असली वजह क्या है?
SIT लगातार हॉस्टल की जांच कर रही है, लेकिन अब तक घटना का कोई सीधा सबूत नहीं मिला है। इसलिए, टीम ने जांच का फोकस छात्रा के जहानाबाद स्थित घर और उसके यात्रा मार्ग पर कर दिया है। SIT यह समझना चाहती है कि उसके घर से अस्पताल में भर्ती होने तक घटनाओं का क्या क्रम था, जिससे यह नतीजा निकला।