
हॉस्टल कांड पर फिर भड़कीं रोहिणी (फोटो- X@RohiniAcharya2)
Bihar News: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड ने पूरे बिहार में गुस्सा भड़का दिया है। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य भी इस मामले में लगातार आवाज उठा रही हैं, उन्होंने एक बार फिर बिहार सरकार और राज्य की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया एक्स पर एक लंबी पोस्ट में उन्होंने पूरे सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में सुशासन की बात करना अब एक मजाक से कम नहीं है।
रोहिणी ने लिखा कि जिस राज्य में मां, बहनों और बेटियों की सुरक्षा सबसे निचले स्तर पर है और जहां रेप, यौन उत्पीड़न और हत्या की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, वहां सुशासन के दावे पूरी तरह शर्मनाक हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में स्थिति न सिर्फ असंतोषजनक है, बल्कि बेहद चिंताजनक है और हालात महिलाओं के भविष्य, करियर और अस्तित्व के लिए खतरा बन गए हैं।
रोहिणी ने दावा किया कि पटना, जिसे सुरक्षा और शिक्षा के लिए बिहार में सबसे अच्छा विकल्प बताया जाता है अब लड़कियों के लिए सबसे असुरक्षित साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में रहकर पढ़ने आने वाली लड़कियों को शिक्षा के बजाय यौन शोषण, वेश्यावृत्ति और अय्याशी की दुनिया में धकेला जा रहा है और यह बात अब सिर्फ अफवाह या आरोप नहीं रही, बल्कि रिपोर्ट्स में सामने आ रही है। एक हिंदी अखबार की हालिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब सच्चाई सामने आई तो जो तस्वीर उभरी वह डरावनी है।
रोहिणी ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल मामले में पहले हुए खुलासों को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ अपराध का मामला नहीं है, बल्कि पुलिस, प्रशासन और अपराधियों के बीच मिलीभगत का उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले ने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है जिसमें हॉस्टल की लड़कियों को जबरन फंसाया जाता था, उनका शोषण किया जाता था और विरोध करने पर उन्हें धमकी दी जाती थी। उन्होंने पूछा, जब पुलिस और प्रशासन जैसे सिस्टम ऐसे मामलों में अपराधियों को बचाते हैं, तो बेटियों को न्याय कहां मिलेगा?
रोहिणी ने आगे चिंता जताई कि यौन उत्पीड़न के बढ़ते मामलों से डर है कि आने वाले समय में बिहार से लड़कियों का बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार पहले से ही युवाओं के राज्य से बाहर पलायन के दर्द से जूझ रहा है। अब, अगर सुरक्षा कारणों से बहनों और बेटियों को भी राज्य छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है, तो सवाल उठेगा कि बिहार में बचेगा ही क्या?
रोहिणी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृह विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी पर यौन अपराधों के मामले में गंभीरता न दिखाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की कोई मंशा न होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रशासन और सरकार की लापरवाही सबसे बड़ा खतरा बन गई है।
Updated on:
21 Jan 2026 03:47 pm
Published on:
21 Jan 2026 03:47 pm
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