
परफेक्ट गर्ल्स हॉस्टल। फोटो- पत्रिका
Patna Hostel Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल की घटना की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि शहर के परफेक्ट गर्ल्स पीजी हॉस्टल से एक और संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। यह घटना 6 जनवरी को हुई, जिसमें NEET परीक्षा की तैयारी कर रही 15 साल की अनामिका गुप्ता की मौत हो गई। हॉस्टल इस मौत को आत्महत्या बता रहा है, लेकिन मृतक के पिता ने 'आत्महत्या की थ्योरी' को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
पिता ने सोची समझी साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाया है और लव जिहाद की आशंका भी जाहिर की है। पिता का सबसे बड़ा सवाल है कि लड़कियों के हॉस्टल में दो मुस्लिम लड़के क्या कर रहे थे, जहां परिवार वालों को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं थी?
औरंगाबाद की रहने वाली अनामिका के पिता धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि घटना वाले दिन उन्होंने सुबह 9:30 बजे अपनी बेटी से आखिरी बार बात की थी। वह बहुत खुश थी और उसने कहा था कि वह ब्रश करके नाश्ते में अंडे बनाएगी। कोई तनाव नहीं था। लेकिन दोपहर 1 बजे हॉस्टल मालिक ने फोन करके बताया कि उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है।
पिता का आरोप है कि उनके हॉस्टल पहुंचने से पहले ही सबूत मिटाने के लिए शव को फंदे से उतारकर अस्पताल भेज दिया गया था। अस्पताल पहुंचने के बाद भी शव देखने में काफी समय लगा। उन्होंने सवाल उठाया कि एक बहादुर लड़की, जो डॉक्टर बनने का सपना देखती थी, अचानक आत्महत्या कैसे कर सकती है?
परिवार ने हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पिता के अनुसार, उन्हें अपनी बेटी से मिलने के लिए उसके कमरे में भी नहीं जाने दिया जाता था, उन्हें ऑफिस में बिठाया जाता था और बेटी को वहीं बुलाया जाता था। लेकिन घटना वाले दिन दो लड़के हॉस्टल में घुस गए। परिवार का दावा है कि CCTV फुटेज में दोनों युवक उनकी बेटी के कमरे में उसके शव को नीचे उतारते हुए दिख रहे हैं। यह कैसे संभव है? जब हॉस्टल के नियम इतने सख्त हैं, तो ये बाहरी लोग अंदर कैसे आए?
इन लड़कों की पहचान मुसाहिद रजा और मुकर्रम रजा के रूप में हुई है। दोनों को पुलिस ने पकड़ लिया था, लेकिन बाद में एक को छोड़ दिया गया। परिवार ने इस फैसले पर भी सवाल उठाया है।
पिता ने आरोप लगाया कि यह आत्महत्या नहीं थी, बल्कि उनकी बेटी की लव जिहाद के नाम पर हत्या की गई है। उन्होंने दावा किया कि हॉस्टल के लोगों की मिलीभगत से उसकी हत्या की गई। उन्होंने इस मामले में CBI लेवल की जांच की मांग की है और कहा कि पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने से पहले ही इसे आत्महत्या बता रही है, जिससे शक पैदा होता है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी तक जारी नहीं हुई है, लेकिन परिवार ने शरीर पर मिले निशानों पर सवाल उठाए हैं। परिवार के अनुसार, गर्दन पर निशान कपड़े के फंदे जैसा नहीं था और उसके हाथों पर खरोंच के निशान थे। पिता ने बताया कि उनकी बेटी का वजन 45 किलो था। अगर उसने पंखे से फांसी लगाई होती, तो पंखे के ब्लेड मुड़ जाने चाहिए थे, लेकिन वे बिल्कुल सीधे थे।
इस संबंध में, छात्रा के पिता धर्मेंद्र कुमार ने पटना गांधी मैदान पुलिस स्टेशन में एक FIR दर्ज कराई है, जिसमें पूर्णिया जिले के YC पुलिस स्टेशन इलाके के चोचा गांव के रहने वाले शम्सुज जोहा के बेटे मुसाहिद रजा और पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के डालखोला पुलिस स्टेशन के तहत दावतन के रहने वाले गुलाम इजदानी के बेटे मुकर्रम रजा, हॉस्टल मालिक विशाल अग्रवाल, रंजीत मिश्रा, वार्डन खुशबू कुमारी और कुछ अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है।
Updated on:
20 Jan 2026 02:55 pm
Published on:
20 Jan 2026 02:54 pm
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