Bihar Politics: बिहार कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल 14 नेताओं की लिस्ट जारी की है और अपने जिला और ब्लॉक कार्यकर्ताओं को उनसे दूरी बनाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
Bihar Politics: बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर अपने ही कई पूर्व पदाधिकारियों और नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के अंदर अनुशासन को लेकर सख्त संदेश देते हुए, प्रदेश इकाई ने साफ कर दिया है कि जिनके खिलाफ पहले ही कार्रवाई हो चुकी है, उन्हें किसी भी तरह का मंच या सपोर्ट नहीं दिया जाएगा। जिला और ब्लॉक लेवल के अधिकारियों को लिस्टेड नेताओं के प्रोग्राम से दूरी बनाए रखने और कार्यकर्ताओं को सावधान करने का निर्देश दिया गया है।
प्रदेश नेतृत्व का कहना है कि विभिन्न माध्यमों से सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग जिलों में जाकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं और अपने आप को अधिकृत बताकर पार्टी कार्यकर्ताओं से संपर्क कर रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए अनुशासन समिति के फैसलों को दोहराया गया और स्पष्ट कर दिया गया कि संगठन का उनसे कोई लेना-देना नहीं है।
जिन 14 लोगों के बारे में चेतावनी जारी की गई है, उनमें छत्रपति यादव, आनंद माधव, सुधीर कुमार उर्फ बंटी चौधरी, राज कुमार राजन, नागेंद्र पासवान विकल, मधुरेंद्र कुमार सिंह, प्रद्युम्न यादव, शकीलुर रहमान, उर्मिला सिंह नीलू, सुधा मिश्रा, वसी अख्तर, कैसर खान, कुंदन गुप्ता और राज कुमार शर्मा शामिल हैं। प्रदेश कार्यालय ने साफ कहा है कि इन सभी पर पहले से ही डिसिप्लिनरी एक्शन चल रहा है, इसलिए किसी भी स्तर पर इन्हें सहयोग देना संगठन के निर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा।
प्रदेश मुख्यालय ने जिलाध्यक्षों से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को स्पष्ट रूप से बता दें कि इन व्यक्तियों की बैठकों, दौरों या अभियानों में शामिल न हों। यदि कहीं से ऐसी गतिविधियों की सूचना मिलती है तो उसकी जानकारी तत्काल प्रदेश अनुशासन समिति को भेजी जाए, ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
साथ ही, जिलाध्यक्षों को यह भी कहा गया है कि इस आशय की सूचना स्थानीय मीडिया तक पहुंचाई जाए, जिससे जमीनी स्तर पर किसी तरह की भ्रम की स्थिति न रहे। पार्टी का तर्क है कि पारदर्शिता से ही अफवाहों पर रोक लगती है।
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि विधानसभा चुनाव के समय से ही कुछ लोग संगठन के खिलाफ काम करते पाए गए थे। उन पर आरोप है कि वे कार्यकर्ताओं को गुमराह कर रहे हैं और उनके जरिए राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने की कोशिश हो रही है। प्रदेश नेतृत्व ने इसे पार्टी हितों के खिलाफ बताया है। कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इन नेताओं का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस को कमजोर कर भाजपा और जदयू जैसी विपक्षी पार्टियों की मदद करना है।