पटना

‘कोर्ट और नैतिकता की बातें अब इतिहास’, मनोनयन के बाद बोले मंत्री दीपक प्रकाश; उपेंद्र कुशवाहा ने कहा- सब पहले से तय था

Deepak Prakash: बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया गया। अधिसूचना जारी होने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और NDA नेतृत्व का आभार जताया। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि यह फैसला पहले से तय था।
3 min read
Aug 05, 2026
bihar minister deepak prakash
पिता उपेंद्र कुशवाहा के साथ मंत्री दीपक प्रकाश (फोटो- फेसबुक)

Bihar MLC Deepak Prakash: बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद (MLC) का सदस्य मनोनीत किए जाने को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। 5 अगस्त को बिहार सरकार द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से MLC के तौर पर उनके मनोनयन की पुष्टि कर दी गई है। यह मनोनयन 31 जुलाई को देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर की गई है। अधिसूचना जारी होने के बाद मंत्री दीपक प्रकाश और उनके पिता राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने NDA के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया।

क्या वोल मंत्री दीपक प्रकाश ?

अपने मनोनयन और आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद मंत्री दीपक प्रकाश ने विपक्ष के हमलों और कानूनी विवादों का जवाब दिया। नैतिक आधार पर इस्तीफे की विपक्ष की मांग और सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकार से जवाब मांगे जाने से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अब ये सभी बातें पुरानी हो चुकी हैं।

दीपक प्रकाश ने कहा कि जो सवाल उठाए जा रहे थे या जो मामला कोर्ट में गया था, अब वे सभी बातें इतिहास बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि पूरा मामला औपचारिक रूप से सुलझा लिया गया है, इसलिए पुराने मुद्दों को फिर से उठाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने दोहराया कि वह नई प्रतिबद्धता और संकल्प के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे और पंचायती राज विभाग के मंत्री के रूप में जनता के प्रति अपनी जवाबदेही को पूरी तरह से निभाने का प्रयास करेंगे।

यह सब पहले से तय था - उपेंद्र कुशवाहा

दीपक प्रकाश के पिता और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने दीपक प्रकाश के मनोनयन पर कहा कि यह कोई अचानक लिया गया निर्णय नहीं था, बल्कि NDA गठबंधन के भीतर बहुत पहले तय की गई रणनीति का हिस्सा था। उन्होंने बताया कि दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने का निर्णय NDA की घटक पार्टियों के शीर्ष नेताओं द्वारा उसी समय लिया गया था जब उन्हें मंत्री नियुक्त किया गया था।

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि यह निर्णय भारतीय जनता पार्टी (BJP) और NDA के नेताओं के बीच चर्चा के बाद लिया गया था और अब राज्यपाल के माध्यम से अंतिम कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि NDA गठबंधन पूरी एकता के साथ काम कर रहा है और बिहार के विकास के लिए मिलकर काम करता रहेगा।

NDA के शीर्ष नेतृत्व का जताया आभार

मनोनयन के बाद सांसद उपेंद्र कुशवाहा और मंत्री दीपक प्रकाश दोनों ने NDA के केंद्रीय और राज्य-स्तरीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। सोशल मीडिया पोस्ट में उपेंद्र कुशवाहा ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, LJP (राम विलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का धन्यवाद किया।

उपेंद्र कुशवाहा ने भरोसा जताया कि दीपक प्रकाश बिहार के विकास और लोगों के हितों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी लगन और जन-सेवा की भावना के साथ काम करेंगे। वहीं, मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि वह NDA नेताओं द्वारा उन पर जताए गए भरोसे का सम्मान करते हुए पूरी ईमानदारी से काम करना जारी रखेंगे।

मंत्री बने रह सकते हैं दीपक प्रकाश

गौरतलब है कि 31 जुलाई 2026 को देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट के लिए राज्य कैबिनेट ने दीपक प्रकाश का नाम राजभवन भेजा था। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद चुनाव विभाग ने 5 अगस्त 2026 को औपचारिक नोटिफिकेशन जारी किया। इस नॉमिनेशन के साथ, दीपक प्रकाश का मंत्री के तौर पर दर्जा संवैधानिक रूप से पक्का हो गया है। इससे सदन का सदस्य न होने के बावजूद उनके मंत्री बने रहने को लेकर सभी कानूनी और राजनीतिक अनिश्चितताएं खत्म हो गई हैं।

Updated on:
05 Aug 2026 09:39 pm
Published on:
05 Aug 2026 09:37 pm