
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर
Rajeev Ranjan on Prashant Kishor: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद से ही जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर लगातार अपने बयानों में सरकार पर निशाना साध रहे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने उन्हें सलाह दी कि जीत का नशा किसी भी जन प्रतिनिधि के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने किशोर से आग्रह किया कि वे चुनावी माहौल से आगे बढ़कर बांकीपुर की जनता के विकास और उनकी समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें।
प्रशांत किशोर को सलाह देते हुए राजीव रंजन ने कहा, "देखिए, मेरी प्रशांत किशोर-जी को एक सलाह है। अगर जीत का नशा सिर पर चढ़ जाए, तो यह किसी भी राजनेता के लिए अच्छा संकेत नहीं है। बांकीपुर के मतदाताओं ने उन्हें जनादेश दिया है और वे चुनाव जीते हैं। अब, उन्हें मुद्दों को लेकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और उन उद्देश्यों को पूरा करना चाहिए जिनके लिए मतदाताओं ने उन पर भरोसा किया है।"
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सबसे ऊपर होता है और बांकीपुर के मतदाताओं ने प्रशांत किशोर पर भरोसा जताया है। इसलिए अब प्रशांत किशोर को इस जनादेश का सम्मान करना चाहिए। राजीव रंजन ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान किशोर ने बांकीपुर में कई मुद्दों को देखा होगा। अब एक जन-प्रतिनिधि के तौर पर, लोग उनसे उम्मीद करते हैं कि वे अपनी ऊर्जा जमीनी स्तर की उन समस्याओं को सुलझाने में लगाएंगे।
भोजपुर में चर्चित भरत तिवारी मामले को लेकर चल रही चर्चाओं पर राजीव रंजन ने कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और एक न्यायिक जांच समिति का गठन किया गया था। समिति के गठन के तुरंत बाद, संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। हाल ही में, इस मामले में एक अहम कदम उठाते हुए STF के एक कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार किया गया और आगे कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
राजीव रंजन ने आगे कहा कि अगर मनोज तिवारी मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात करवाकर भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाने की कोशिश कर रहे हैं, तो प्रशांत किशोर को इस बारे में ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। यह कोई राजनीतिक चाल नहीं है, बल्कि यह पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का मामला है।
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर JDU के प्रवक्ता राजीव रंजन ने विपक्ष के नेताओं से सवाल किया कि जब भी परीक्षा प्रणाली में कोई कमी या कुप्रबंधन सामने आता है, तो वे सिर्फ NDA-शासित राज्यों को ही निशाना क्यों बनाते हैं। जब पंजाब या झारखंड जैसे राज्यों में ऐसे मुद्दे सामने आते हैं, तो पूरा विपक्ष चुप क्यों रहता है? उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को छात्रों के भविष्य या परीक्षा प्रणाली में सुधार की कोई वास्तविक चिंता नहीं है। इसके बजाय उनका पूरा ध्यान NDA-शासित राज्यों को लेकर राजनीति करने पर है।
Updated on:
05 Aug 2026 04:58 pm
Published on:
05 Aug 2026 04:57 pm
