भोजपुर जिले में एक 32 साल के दिव्यांग ऑटो ड्राइवर को एक नाबालिग छात्रा से प्यार हो गया। वह दो साल पहले उसके साथ भागकर दिल्ली चला गया था और अब वह एक बच्चे के साथ वापस आ गया है। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
Bihar News: बिहार के भोजपुर जिले के नवादा थाना इलाके से दो साल पहले लापता हुई नाबालिग लड़की की गुत्थी सुलझ गई है। दोनों पैरों से दिव्यांग एक युवक पांचवीं क्लास की नाबालिग लड़की को अपनी मीठी-मीठी बातों में फंसाकर दिल्ली ले गया। वहां उसने उससे शादी की और दो साल तक उसके साथ रहा। मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी दो साल बाद होली पर गोद में बच्चा लेकर गांव लौटा। सूचना मिलने पर पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नाबालिग लड़की को उसके नवजात बच्चे के साथ उसके परिवार को सौंप दिया गया है।
यह पूरा मामला मई 2024 में शुरू हुआ था। आरोपी की पहचान उदवंतनगर के चकिया गांव के रहने वाले नीरज कुमार (30) के तौर पर हुई है, जो दोनों पैरों से दिव्यांग है। पीड़िता, जो उस समय सिर्फ 15 साल की थी और पांचवीं क्लास में पढ़ती थी, अपने नाना-नानी के घर (आरोपी के गांव) आई थी। नीरज ऑटो चलाता था और लड़की को स्कूल ले जाता और लाता था। इसी दौरान आरोपी ने छात्रा को देखा और उसे प्यार हो गया। इसके बाद नीरज उसे अपने प्यार के जाल में फंसाने लगा।
नीरज ने छात्रा के एक रिश्तेदार से उसका फोन नंबर लिया और उसे फोन करना शुरू कर दिया। शुरू में तो छात्रा ने बात करने से मना कर दिया, लेकिन धीरे-धीरे वह नीरज की बातों में आ गई। वे अक्सर फोन पर बात करने लगे। इस दौरान नीरज ने नाबालिग से अपने प्यार का इजहार कर दिया। तब तक छात्रा ने नीरज को देखा भी नहीं था।
कुछ दिन बात करने के बाद नीरज ने लड़की को भागने के लिए मना लिया। उसने कहा कि कुछ दिन में दोनों घूमकर वापस आ जाएंगे और किसी को पता भी नहीं चलेगा। जैसा प्लान था, लड़की घर से निकली और आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर पहुंची। लेकिन जब नीरज उसके सामने आया, तो लड़की के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस आदमी को वह फोन पर पसंद कर रही थी, वह दोनों पैरों से दिव्यांग था।
लड़की वापस लौटना चाहती थी, लेकिन नीरज ने इमोशनल ब्लैकमेल का सहारा लिया। वादों का हवाला देते हुए उसने कहा कि पैर से विकलांग हूं तो क्या हुआ, तुम्हें जिंदगी की हर खुशी दूंगा। मासूम छात्रा उसकी बातों में आ गई और उसके साथ दिल्ली चली गई
आरोपी नीरज उसे दिल्ली में एक किराए के मकान में ले गया और वहां उसकी मांग में सिंदूर भरकर उसे पत्नी बना लिया। वह वहां एक कंपनी में काम करने लगा। इसी बीच, पिछले साल लड़की प्रेग्नेंट हो गई और करीब एक महीने पहले उसने एक बच्चे को जन्म दिया। नीरज ने सोचा कि दो साल बीत गए हैं अब मामला शांत हो गया, इसलिए वह होली की छुट्टियों में लड़की और नवजात बच्चे को लेकर अपने गांव लौट आया।
गांव लौटने के बाद, जब लड़की अपने घर की छत पर टहलने गई, तो उसके मामा के घरवालों ने उसे देख लिया। 2 साल से अपनी बेटी की तलाश में भटक रहे परिजनों ने तुरंत नवादा थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंच कर दिव्यांग नीरज को पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद, आरोपी नीरज ने दावा किया कि लड़की अपनी मर्जी से उसके साथ दिल्ली गई थी और दिल्ली हाई कोर्ट में उससे शादी की थी। उसने कहा कि वह एक ऑटो ड्राइवर है और उसे पहली नजर में ही उससे प्यार हो गया था। पीड़िता ने भी पुलिस को बताया कि वह नीरज से प्यार करती थी और अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी।
भले ही लड़की का दावा है कि वह अपनी मर्जी से गई थी, लेकिन कानून की नजर में वह नाबालिग है। जांच अधिकारी सीमा किरण ने बताया कि जुलाई 2024 में किडनैपिंग की FIR दर्ज की गई थी। टेक्निकल जांच और कॉल रिकॉर्ड (CDR) से नीरज का नाम सामने आया। पुलिस ने आरोपियों को POCSO एक्ट और किडनैपिंग की धाराओं के तहत जेल भेज दिया है। नाबालिग और उसके नवजात बच्चे को उनकी मां के पास छोड़ दिया गया है।