
राजद नेता तेजस्वी यादव (Photo-IANS)
Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान एनडीए नेताओं द्वारा किए गए वादों और राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट शेयर करते हुए एनडीए सरकार पर बिहार की महिलाओं और जीविका दीदियों के साथ धोखेबाजी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव जीतने के लिए सरकार ने न केवल महिलाओं को गुमराह किया, बल्कि राज्य के खजाने को भी दिवालियापन की कगार पर खड़ा कर दिया है।
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान हार के डर से एनडीए सरकार ने बैंक खुलवाकर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की। तेजस्वी ने लिखा, 'महिलाओं और जीविका दीदियों के खातों में 10,000 रुपये भेजकर उन्हें प्रलोभन दिया गया। साथ ही, उन्हें यह कहकर डराया गया कि मतदान केंद्र में कैमरे लगे हैं और यदि उन्होंने खास पार्टी को वोट नहीं दिया, तो पैसे वापस ले लिए जाएंगे।' तेजस्वी के अनुसार, चुनाव के समय वादा किया गया था कि 6 महीने के भीतर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 2 लाख रुपये की दूसरी किश्त भेज दी जाएगी, लेकिन आज 6 महीने बीत जाने के बाद भी महिलाएं खाली हाथ हैं।
तेजस्वी यादव ने सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के अंतिम दिनों में वोट लूटने के लिए विभिन्न मदों में 41,000 करोड़ रुपये नगद बांटे गए, जो राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए आत्मघाती साबित हुआ है। तेजस्वी ने कहा, 'सरकार जानती थी कि बिहार के पास सीमित संसाधन हैं, फिर भी उधार लेकर पैसा बांटा गया। अब राज्य की वित्तीय स्थिति बदतर है, खजाना खाली है और शिक्षा, स्वास्थ्य व कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र जोखिम में हैं।'
तेजस्वी यादव ने आंकड़ों के जरिए सरकार को घेरते हुए कहा कि करीब 1 करोड़ 81 लाख जीविका दीदियों और महिलाओं को दूसरी किश्त का इंतजार है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद से नेता अपनी कुर्सी के खेल में व्यस्त हैं और मातृशक्ति के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस चुनावी स्टंट के कारण युवाओं के सपनों का कत्ल हुआ है और बिहार में एक अराजक स्थिति उत्पन्न हो गई है।
तेजस्वी यादव ने सरकार में शामिल नेताओं को रीढ़विहीन बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने निजी स्वार्थ और बच्चों के भविष्य के लिए बिहार की अस्मिता को बाहरियों के कदमों में गिरवी रख दिया है। उन्होंने भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं पर बिहार का सौदा करने का आरोप लगाया।
Updated on:
27 Apr 2026, 1:42 PM IST
Published on:
27 Apr 2026, 1:42 PM IST
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