
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर
Prashant Kishor on Bihari Voters: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई विधानसभा सीट के उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच, जन सुराज के संस्थापक और जाने-माने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का एक बयान सामने आया है। पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए किशोर ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। बिहार के मतदाताओं की राजनीतिक सोच पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, "हम लोग कितना भी गला फाड़ लें, कल फिर चुनाव होगा तो लोग जाकर कमल छाप (BJP) पर ही बटन दबाएंगे।"
प्रशांत किशोर ने बिहार में फैले भ्रष्टाचार के लिए किसी नेता या पार्टी को कोसने के बजाय सीधे तौर पर जनता को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर शिकायत करते हैं कि नीचे से लेकर ऊपर तक सिस्टम सड़ चुका है, मुखिया चोरी कर रहा है और विधायक महाचोर है, लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि इस चोर को चुनने वाले भी वो खुद ही हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा, "लोग कहते हैं बड़ा भ्रष्टाचार है। अरे भाई, 500 रुपये लेकर वोट दीजिएगा, मुर्गा-भात खाकर वोट दीजिएगा, अपनी जाति के नाम पर दो पाउच शराब पीकर वोट दीजिएगा, तो आपका मुखिया और विधायक चोर नहीं होगा तो क्या राजा हरिश्चंद्र होगा? इसमें कौन सा बड़ा रॉकेट साइंस है। जैसा बोइएगा, वैसा ही पाइएगा।"
प्रशांत किशोर ने पटना के बांकीपुर की जनता का विशेष रूप से उदाहरण देते हुए कहा कि यहां के शहरी और प्रबुद्ध मतदाताओं ने पिछले 40 साल से आंख बंद करके सिर्फ और सिर्फ भाजपा को वोट दिया है। उन्होंने वोटर्स के इस व्यवहार पर कहा कि लोग वोट तो एक खास विचारधारा को देते हैं, लेकिन बाद में सरकार की नीतियों को कोसते हैं। उन्होंने आगे कहा, "हम कितना भी चिल्ला लें, कल फिर चुनाव होगा, लोग फिर जाकर कमल का ही बटन दबाएंगे। फिर शाम को अपने ड्राइंग रूम में आकर आधा घंटा चर्चा करेंगे कि मोदी जी के राज में ठीक नहीं चल रहा है, पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया, सिलेंडर के दाम बढ़ गए।"
प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि बिहार में उत्तर प्रदेश (UP) के मुकाबले पेट्रोल और डीजल महंगा है, लेकिन लोगों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। लोग कहते हैं, "ठीक है, हिंदू-मुसलमान चल तो रहा है बढ़िया, राम मंदिर बन ही गया है, अब इससे ज्यादा क्या चाहिए?" पीके ने साफ कहा कि जो जनता चाहती है, उसे वही मिल रहा है। अगर इससे बेहतर कुछ चाहिए, तो प्रयास और सोच भी बेहतर करनी होगी।
अपने संबोधन के दौरान प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात और बिहार में दिए जाने वाले भाषणों की तुलना करते हुए विकास के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाए। उन्होंने बांकीपुर के लोगों से अपील की कि वे यूट्यूब खोलकर मोदी जी का गुजरात वाला भाषण देखें।
प्रशांत किशोर ने कहा, "मोदी जी जब गुजरात जाते हैं, तो बताते हैं कि वहां स्मार्ट क्लास कैसे बनेगा, कृषि की क्या आधुनिक व्यवस्था होगी, वहां सौर ऊर्जा का दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र कैसे बन रहा है और बड़ी यूनिवर्सिटीज कैसे बन रही हैं। लेकिन वही मोदी जी जब बिहार आते हैं, तो कहते हैं कि बिहार के लोग उसना चावल खाना चाहते हैं, तो हमने व्यवस्था की है कि आपको अरवा नहीं उसना चावल मिले। यानी बिहार के लोगों को वो सिर्फ दो वक्त के चावल तक सीमित रखते हैं।"
Published on:
12 Jun 2026 04:07 pm
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