पटना

इंडो-नेपाल बॉर्डर के पास किराए के घर में चल रही थी करेंसी फैक्ट्री! मनचाही कमाई करते थे कर्मचारी, दिन-रात होता था काम

Fake Currency Factory: मोतिहारी के पतौरा गांव में एक घर को नकली करेंसी छापने की फैक्ट्री में बदल दिया गया था। बाहर से वह एक आम घर जैसा दिखता था, लेकिन अंदर अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल करके नकली नेपाली और भारतीय करेंसी छापी जा रही थी। गैंग के सदस्य टारगेट-बेस्ड सिस्टम पर काम करते थे।
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Jan 05, 2026
fake currency factory
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Fake Currency Factory: बिहार के पूर्वी चंपारण में भारत-नेपाल सीमा के पास पुलिस ने एक इंटरनेशनल गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह ने एक किराए के कमरे को नकली करेंसी छापने की फैक्ट्री बना दिया था। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पटौरा गांव में बिहार पुलिस और नेपाली पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में इस इंटरनेशनल नकली करेंसी रैकेट का खुलासा हुआ। रेड के बाद जो बातें सामने आईं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया है।

घर के अंदर मिनी प्रिंटिंग प्रेस

नेपाली पुलिस से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर, मोतिहारी पुलिस ने एक आम दिखने वाले किराए के घर पर छापा मारा। अंदर जो देखा, उससे अधिकारी हैरान रह गए। घर को पूरी तरह से एक मिनी प्रिंटिंग प्रेस में बदल दिया गया था। आधुनिक प्रिंटर, कंप्यूटर सिस्टम और कागज के बंडलों का इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर नकली नेपाली करेंसी छापी जा रही थी। रेड के दौरान, पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकली नोट, मशीनें और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया।

नोट छापने के लिए रोज का टारगेट

जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि यह गैंग किसी बिजनेस की तरह काम कर रहा था और यहां काम करने वाले लोग खुद को कर्मचारी बताते थे। उन्हें हर दिन नकली नोट छापने का एक खास टारगेट दिया जाता था। गैंग का मकसद साफ था, 'जितना ज्यादा छापोगे, उतना ज्यादा कमाओगे।' जल्दी अमीर बनने की चाहत में, यह गैंग नेपाल और भारत के सीमावर्ती इलाकों में नकली नोट सप्लाई कर रहा था।

नेपाल से जुड़ा नेटवर्क

इस इंटरनेशनल रैकेट के तार नेपाल से जुड़े थे। नेपाली पुलिस ने पहले नेपाल में नकली नोट से जुड़े एक गैंग को पकड़ा था, जिसने पूछताछ के दौरान रवि श्रीवास्तव का नाम बताया था। पूछताछ में पता चला कि वह मोतिहारी के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में एक किराए के घर में रहता था और नकली करेंसी छापने में शामिल था। इसी जानकारी के आधार पर नेपाली पुलिस इस नेटवर्क पर कड़ी नजर रख रही थी।

जांच में जुटी पुलिस

पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर, नेपाली पुलिस ने मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात से संपर्क किया। इसके बाद, सदर डीएसपी दिलीप कुमार, डीएसपी-2 जितेश पांडे और मुफस्सिल थाना प्रभारी अंबेश कुमार के नेतृत्व में एक जॉइंट टीम ने छापा मारा। मोतिहारी पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी सिर्फ नेपाली करेंसी छाप रहा था या इसमें भारतीय नकली नोट भी शामिल थे। वे यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि नकली नोट किन इलाकों में और किन चैनलों के जरिए सप्लाई किए जा रहे थे। फिलहाल, पूरे मामले की गहन जांच चल रही है और सुरक्षा एजेंसियां ​​यह पक्का करने के लिए काम कर रही हैं कि नकली करेंसी का यह ऑपरेशन पूरी तरह से बंद हो जाए।

Published on:
05 Jan 2026 02:27 pm