बिहार के वैशाली में शादी के 5 महीने बाद ही नेहा ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया है। उसने मरने से पहले अपने पति और अपनी मां को वॉयस नोट भेजा, जिसमें नेहा ने अपने पति को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है।
Bihar News: बिहार के वैशाली जिला के महुआ थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शादी के महज पांच महीने बाद ही 23 साल की नवविवाहिता नेहा कुमारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, अपनी मौत से पहले नेहा ने अपने पति मयंक राज और अपनी मां को वॉइस मैसेज भेजे, जिनमें उसने अपनी मौत के लिए अपने पति को जिम्मेदार ठहराया।
अपनी जान लेने से ठीक पहले अपनी मां को भेजे गए एक वॉइस नोट में नेहा ने अपना सारा दर्द बयां कर दिया। उसने कहा, 'मां, मैं मर रही हूं। तुम मयंक राज को ऐसी सजा दिलाना कि वह जिंदगी भर इस दर्द को याद रखे और फिर कभी दुबारा शादी न कर पाए। जैसे मैं तड़प-तड़प कर जान दे रही हूं, वैसे ही वह भी पूरी जिंदगी तड़पता रहे।'
वहीं, अपने पति मयंक को भेजे गए अपने आखिरी मैसेज में नेहा ने कहा, 'मैं जो कुछ भी कर रही हूं, वह तुम्हारी वजह से कर रही हूं। मैं पिछले तीन हफ्तों से तुम्हें सच बता रही हूं, लेकिन अब मुझमें कोई हिम्मत नहीं बची है। तुम किसी और से शादी करना चाहते हो, है ना? जाओ शौक से कर लो। बस इतना जान लो कि मैं एक अच्छी इंसान थी।'
नेहा की शादी 24 नवंबर 2025 को भदवास तरौरा निवासी मयंक राज से हुई थी, जो पटना सचिवालय में काम करता है। नेहा के भाई निखिल के मुताबिक, शादी के पहले तीन महीने सब कुछ ठीक था। विवाद तब शुरू हुआ जब नेहा ने अपने पति के साथ पटना जाकर रहने की इच्छा जाहिर की, जिसे मयंक ने ठुकरा दिया।
परिवार वालों का आरोप है कि मार्च महीने से नेहा को उसके ससुराल वालों द्वारा दहेज और गहनों की मांग को लेकर परेशान किया जाने लगा। मृतका की मां ने आगे आरोप लगाया कि उसके दामाद का किसी दूसरी औरत के साथ चक्कर चल रहा था और जब भी नेहा इस रिश्ते पर एतराज करती थी, तो उसके साथ मारपीट की जाती थी।
उसके परिवार वालों का आरोप है कि मयंक ने नेहा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की सारी हदें पार कर दी थीं। 25 अप्रैल को मयंक ने नेहा और उसके परिवार को फोन करके पटना की AG कॉलोनी में स्थित अपने घर पर बुलाया था। लेकिन, जब नेहा अपने परिवार के साथ वहां पहुंची, तो घर पर ताला लगा हुआ था। नेहा ने मयंक को फोन किया तो उसने गैर-जिम्मेदाराना तरीके से कहा कि वह इस मुलाकात के बारे में भूल गया था और पहले ही वैशाली लौट चुका है। इस अपमान और मानसिक तनाव ने नेहा को भीतर से तोड़ दिया।
अपनी मौत से पहले नेहा ने जीतने वॉइस नोट भेजे, उसे उसके परिवार ने पुलिस को सौंप दिया है। इन रिकॉर्डिंग में नेहा ने साफ तौर पर उस मानसिक उत्पीड़न के बारे में बताया है जो उसे सहना पड़ा और इसमें अपने पति की भूमिका का भी जिक्र किया है। उसके परिवार वालों का कहना है कि नेहा लोगों के बीच शर्मिंदगी और समाज के डर से सब कुछ चुपचाप सहती रही। लेकिन, आखिरकार यह तनाव उसकी सहनशक्ति से बाहर हो गया।
महुआ के स्टेशन हाउस ऑफिसर अरविंद प्रसाद ने बताया कि मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया और उसके बाद उसे परिवार को सौंप दिया गया, जिन्होंने रविवार रात को उसका अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस फिलहाल मृतक के मोबाइल फोन, ऑडियो रिकॉर्डिंग और उसके परिवार वालों के बयानों की जांच कर रही है। लिखित आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।