होली में ट्रेनों में सीटें फुल और विमान किराया तीन गुना तक बढ़ जाने के बाद आम यात्रियों को राहत देते हुए रेलवे ने होली स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय किया है। इसके साथ ही बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने भी यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बस सेवाएं शुरू कर दी हैं, ताकि त्योहार के समय लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो।
होली में बिहार आने वाले लाखों प्रवासियों को लेकर रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली, मुंबई, पुणे सहित देश के बड़े शहरों से होली में रेलवे ने नियमित ट्रेनों में सीटें फुल होने के बाद विशेष ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। होली को देखते हुए रेलवे 1 मार्च से 22 मार्च के बीच स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है। पूर्व मध्य रेल के स्टेशनों से चलने वाली ये होली स्पेशल ट्रेनें कुल 285 फेरे लगाएंगी। इसके साथ ही बिहार के अन्य स्टेशनों से भी विशेष ट्रेनों के जरिए लगभग 500 फेरे लगाए जाएंगे। रेलवे सूत्रों के अनुसार पिछले वर्ष होली में विशेष ट्रेनों ने कुल 1,144 फेरे लगाए थे।
दिल्ली, मुंबई, सूरत, पुणे, अहमदाबाद, बेंगलुरु, सिकंदराबाद समेत अन्य बड़े शहरों से बिहार आने वाली नियमित ट्रेनें पहले ही फुल हो चुकी हैं। अधिकतर ट्रेनों में नो रूम की स्थिति है। जिनमें बुकिंग हो रही है, उसमें वेटिंग 100 के पार है। इसको देखते हुए रेलवे ने स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है।
होली पर विमान से पटना आने और वापस जाने का किराया तीन गुना तक बढ़ गया है। दिल्ली से पटना आने के किराया से ज्यादा वापसी का किराया है। अन्य रूटों का भी यही हाल है। मुंबई, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई रूट में पटना आने का न्यूनतम विमान किराया 10 हजार के आस पास है। जबकि पटना से इन शहरों में लौटने का विमान किराया 10 हजार के पार हो गया है। पुणे का किराया तो 12 हजार के भी पार हो गया है।
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) की ओर से होली और ईद के त्योहारों को लेकर बिहार से बाहर रहने वाले प्रवासी बिहारियों के लिए 200 अंतरराज्यीय बसें 23 फरवरी से 23 मार्च तक चलाने का फैसला लिया है। त्योहारी बसों के लिए टिकट की बुकिंग शुरू हो गई है। इन बसों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग गुरुवार से शुरू हो गई है। इन बसों का परिचालन मुख्य रूप से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों के रूटों पर होगा। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से सबसे ज्यादा दिल्ली के लिए 62 बसें चलाई जाएंगी, जबकि पानीपत और अंबाला (हरियाणा) के लिए 40 और रांची (झारखंड) के लिए 10 बसें चलेगी। बिहार में ये बसें पटना, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, गया सहित अन्य प्रमुख जिलों से रवाना होंगी।
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से इन मार्गो पर एसी बसें, स्लीपर और एसी-स्लीपर श्रेणी की बस चलाने का फैसला किया है। ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो। राज्य सरकार ने इनके किराये में भी विशेष छूट दे रही है।