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बिहार: डिप्टी सीएम से बातचीत के बाद काम पर लौटे राजस्व अधिकारी, विजय सिन्हा की पहल से बनी सहमति

बिहार के राजस्व सेवा के अदिकारियों की गुरुवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त हो गई। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की पहल के बाद 02 फरवरी से चल रहा हड़ताल खत्म हो गई।
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पटना

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Rajesh Kumar Ojha

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Updated: 5 Feb 2026, 10:30 PM IST

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विजय सिन्हा (फोटो- X@VijayKrSinhaBih)

बिहार में राजस्व अधिकारियों की हड़ताल गुरुवार को समाप्त हो गई। सरकार की ओर से DCLR के सभी 101 पदों पर केवल राजस्व सेवा के अधिकारियों की नियुक्ति के फैसले के बाद राजस्व अधिकारी अपने काम पर लौट गए। इस बात की जानकारी बिहार सरकार के डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने दी। भूमि राजस्व विभाग में हुई अहम बैठक के बाद हड़ताल खत्म होने की घोषणा की गई। इससे पहले राजस्व कर्मचारियों का शिष्टमंडल उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा से मुलाकात कर अपनी मांगों पर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद विजय सिन्हा ने हड़ताल समाप्त होने की घोषणा की।

क्या थी मांग

बिहार राजस्व सेवा संघ (BiRSA) की हड़ताल गुरुवार को समाप्त हो गई। बिहार राजस्व सेवा के अधिकारी भूमि सुधार उप समाहर्ता के पद पर बिहार राजस्व द्वितीय प्रोन्नति के तहत पदस्थापन की मांग को लेकर 2 फरवरी से हड़ताल पर थे। दरअसल, भूमि सुधार उप समाहर्ता का पद सामान्य प्रशासन विभाग को आवंटित कर दिया गया था, जिसका राजस्व सेवा अधिकारियों ने विरोध किया। डिप्टी सीएम से हुई बातचीत के बाद भूमि सुधार उप समाहर्ता का पद बिहार राजस्व सेवा अधिकारियों को ही आवंटित किए जाने का आश्वासन मिला। इसके बाद संघ ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी।

सरकार झूकी

सरकार की ओर से इसको लेकर जारी अधिसूचना के अनुसार, अब भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) के पद को सामान्य प्रशासन विभाग से वापस ले लिया गया है। इस पद पर सिर्फ राजस्व सेवा के कुशल एवं सक्षम पदाधिकारियों की ही पदस्थापना की जायेगी। इसके साथ ही,वर्तमान में इस पद पर तैनात प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की आगे की पदस्थापना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है । हड़ताल की अवधि के दौरान हुए सामूहिक अवकाश को लेकर सरकार ने उदार रुख अख्तियार करते हुए इस अवधि का समायोजन सामान्य अवकाश से करने का फैसला किया है। इसे सेवा में टूट (break in service) नहीं माना जाएगा। इसके साथ ही, हड़ताल में शामिल किसी भी अधिकारी के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का भी फैसला किया गया है।