राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए जदयू संघर्षरत है...
(पटना): गुजरात, नगालैंड और कर्नाटक विधानसभा चुनावों में प्रत्याशी उतारकर राष्ट्रीय पार्टी बनने की राह पर चल रहा सत्तारूढ़ जदयू अब आने वाले तीन राज्यों के चुनाव में भी मैदान में ताल ठोकेगा। राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में भी जदयू के प्रत्याशी मैदान में उतरेंगे।
बिहार में सत्ता हासिल करने के बाद जदयू राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा चाहती है। इसी क्रम में पार्टी अलग-अलग राज्यों में हो रहे चुनाव में भाग ले रही है। तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में प्रत्याशियों को उतारने के बाद अब जदयू राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में अपना दमखम दिखाने को तैयार है। पार्टी इस संबंध में रणनीति बना रही है।
30 मई को बांसवाड़ा में होगी चुनावी सभा
तीनों राज्यों में जदयू के चुनावी अभियान की शुरुआत राजस्थान के बांसवाड़ा में जिला मुख्यालय में आयोजित जदयू की चुनावी सभा से 30 मई को होगी। इसमें पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्य वक्ता होंगे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि बांसवाड़ा की सभा में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों की भागीदारी की उम्मीद है। गुजरात और मध्यप्रदेश की सीमा पर अवस्थित बांसवाड़ा में समाजवादी विचारधारा के लोगों की भी रैली में भागीदारी संभव है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक जदयू तीनों राज्यों में पाने वाली सीटों की पहचान करने जुट गई है।
कर्नाटक में जदयू के प्रचार के लिए गए थे बिहार सीएम नीतीश कुमार
गौरतलब है कि जदयू ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भी अपने उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा था। पार्टी ने 34 सीटों पर चुनाव लड़ा था। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में वर्चस्व स्थापित करने के लिए दोनों ही क्षेत्रों से उम्मीदवार उतारे गए। चुनाव में पार्टी का प्रचार करने के लिए स्थानीय नेताओं के साथ बाहर के नेताओं को आमंत्रित किया गया था। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद इस चुनाव में प्रचार करने के लिए कर्नाटक गए थे। नीतीश ने कर्नाटक पहुंच कर पार्टी के प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे थे।