
झारखंड में राज्य सभा चुनाव को लेकर मंगलवार से सियासी सरगर्मी तेज है। इसी बीच कांग्रेस नेत्री और झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बीजेपी ने इस वीडियो को साझा करते हुए आरोप लगाया है कि विधानसभा में चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान मंत्री आपा खो बैठीं और उन्होंने सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन पर भी सवाल उठाए।
वायरल वीडियो में दीपिका पांडेय सिंह यह कहते हुए नजर आ रही हैं कि “इतना महत्वपूर्ण दिन है और आज सदन के नेता मौजूद नहीं हैं।” इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषक इस टिप्पणी को राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस और झामुमो के बीच कथित मतभेद और खटपट से जोड़कर देख रहे हैं।
निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन में कथित गड़बड़ी मामले में कांग्रेस का पक्ष रखने के लिए दिल्ली से रांची पहुंचे वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा सुनवाई में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इस पर कांग्रेस मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने नाराजगी जताते हुए रिटर्निंग ऑफिसर पर भेदभाव का आरोप लगाया और कहा कि पूरा मामला पहले से ही तय नजर आ रहा है।
रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय के बाहर तैनात सुरक्षा गार्ड पर भी वह भड़क गईं और उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री को अंदर क्यों नहीं जाने दिया गया। इसी दौरान उन्होंने गार्ड को वहां से हटने को भी कहा। इस बीच आक्रोशित होकर उन्होंने कहा कि “इतना महत्वपूर्ण मामला है और आज सदन के नेता ही मौजूद नहीं हैं।” उनका यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कांग्रेस मंत्री के वायरल वीडियो को बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शेयर किया है। इस मामले पर राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बुधवार को निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन में कथित गड़बड़ी के विरोध में कांग्रेस अकेले मुखर नजर आई, जबकि महागठबंधन के अन्य सहयोगी इससे दूरी बनाए रहे। इस पर निश्चित रूप से राजनीतिक चर्चा तेज है। हालांकि शाम के समय झामुमो ने इस मुद्दे पर संवाददाता सम्मेलन कर सवाल जरूर उठाए, लेकिन जमीनी स्तर पर कांग्रेस ही इस मामले में अकेली खड़ी दिखाई दी। कांग्रेस मंत्री के इस बयान और घटनाक्रम को लेकर महागठबंधन के भीतर कुछ आंतरिक मतभेद और खटपट के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।