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झारखंड राज्य सभा चुनाव: क्रॉस वोटिंग और सरप्लस वोट तय करेंगे नतीजा, एनडीए-महागठबंधन में कांटे की टक्कर

झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों का चुनाव महागठबंधन और एनडीए दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। 81 सदस्यीय विधानसभा में 56 वोटों की जरूरत है, जबकि बचे 25 सरप्लस वोटों का गणित परिणाम बदल सकता है।
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पटना

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Rajesh Kumar Ojha

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Updated: 9 Jun 2026, 9:46 AM IST

jharkhand rajya sabha election

सांकेतिक तस्वीर। फोटो -(AI Generated)

झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाला चुनाव अब महागठबंधन और एनडीए दोनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। हालांकि आंकड़ा महागठबंधन के पक्ष में दिखाई दे रहा है, लेकिन क्रॉस वोटिंग और सरप्लस वोट का गणित अंतिम समय में चुनाव परिणाम को बदल सकता है। यही कारण है कि राजनीतिक विश्लेषक भी इस पर स्पष्ट राय देने से बच रहे हैं।

दो सीटों के लिए हो रहे त्रिकोणीय मुकाबले में शह-मात का खेल तेज हो गया है। निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी अरबपति हैं, जिसके चलते महागठबंधन अपने विधायकों को एकजुट करने में जुटा है। वहीं जेएमएम के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा करोड़पति प्रत्याशी हैं।

25 सरप्लस वोटों पर टिका खेल

झारखंड राज्यसभा चुनाव में 25 सरप्लस वोटों का गणित पूरे खेल को बदल सकता है। 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में दो सीटों पर जीत के लिए 56 (28+28) वोटों की आवश्यकता होती है। इसके बाद बचे 25 वोटों पर ही पूरा परिणाम निर्भर करता है। इनमें 24 वोट एनडीए के पास हैं और एक वोट निर्दलीय का है। ऐसे में इसमें उलटफेर की पूरी संभावना बनी हुई है।

इसके अलावा, यदि 4-5 वोट इधर-उधर हो जाते हैं, किसी का वोट रद्द हो जाता है या द्वितीय वरीयता के वोट विपक्ष के पक्ष में चले जाते हैं, तो परिणाम पूरी तरह बदल सकता है।

28 के जादुई आंकड़े के लिए 4 वोटों की जंग

एनडीए के सभी 24 विधायक (भाजपा के 21 और 3 सहयोगी) परिमल नाथवानी के साथ खड़े बताए जा रहे हैं। हालांकि, नाथवानी को जीत के लिए 28 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए अभी 4 और वोटों की जरूरत है। इन 4 वोटों का जुगाड़ उन्हें महागठबंधन में सेंधमारी (क्रॉस वोटिंग) के जरिए करना होगा। इसके अलावा, यदि कांग्रेस उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के 28 से कम वोट मिलते हैं और द्वितीय वरीयता के वोट नाथवानी को अधिक मिलते हैं, तो पूरा समीकरण पलट सकता है।

क्रॉस वोटिंग रोकने में जुटी कांग्रेस

राज्यसभा चुनाव में संभावित सियासी सेंधमारी को लेकर कांग्रेस पूरी तरह अलर्ट है। पार्टी इस समय ‘डैमेज कंट्रोल’ और एकजुटता के मोड में नजर आ रही है। नामांकन प्रक्रिया समाप्त होते ही कांग्रेस ने विधानसभा परिसर में अपने विधायकों, मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की और सभी विधायकों को चुनाव तक पूरी तरह एकजुट रहने की सख्त हिदायत दी। उधर, भाजपा ने भी परिमल नाथवानी के नाम सामने आने से पहले ही अपने विधायकों से प्रस्तावक के रूप में खाली फॉर्म पर हस्ताक्षर करवा लिए थे।