दरअसल, कांग्रेस ने परिमल नाथवानी के एफिडेविट पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उनका नाम “नाथवानी परिमल” नहीं, बल्कि “परिमल नाथवानी” है। साथ ही आरोप लगाया गया कि नाथवानी ने अपनी संपत्ति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई हैं। इस मुद्दे के सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया।