26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राज्य सभा चुनाव से पहले झारखंड महागठबंधन में दरार! कांग्रेस के फैसले पर झामुमो नाराज

झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होने हैं। एक सीट पर कांग्रेस ने प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि दूसरी सीट पर झामुमो जल्द अपने प्रत्याशी की घोषणा कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, झामुमो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बड़ी बहन को मैदान में उतार सकता है।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

पटना

•

image

Rajesh Kumar Ojha

•

Updated: 5 Jun 2026, 9:35 PM IST

jharkhand rajya sabha election

सांकेतिक तस्वीर। फोटो -(AI Generated)

झारखंड में राज्य सभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर कांग्रेस ने एक सीट के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। कांग्रेस के इस फैसले के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। झामुमो नेताओं का कहना है कि कांग्रेस ने उम्मीदवार घोषित करने का फैसला एकतरफा तरीके से लिया है। उनका तर्क है कि जब लोकसभा और विधानसभा चुनाव हेमंत सोरेन के नेतृत्व में लड़े गए थे, तो राज्यसभा चुनाव को लेकर भी फैसला उनके नेतृत्व में ही होना चाहिए था। झामुमो नेताओं ने यह भी कहा कि राज्यसभा उम्मीदवार की घोषणा उनकी पार्टी की ओर से की जानी चाहिए थी। वहीं, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि झारखंड में कांग्रेस और झामुमो का गठबंधन मजबूत है और दोनों दल मिलकर राज्यसभा की दोनों सीटों पर जीत दर्ज करेंगे।

कांग्रेस ने उतारा प्रत्याशी, झामुमो भी जल्द करेगा ऐलान

झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव होने हैं। इनमें से एक सीट पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के कारण रिक्त हुई है, जबकि दूसरी सीट भाजपा नेता दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने के चलते खाली हो रही है।

इन दो सीटों में से एक पर कांग्रेस ने प्रणव झा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं, दूसरी सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) अपना प्रत्याशी उतारेगा। सूत्रों के अनुसार, झामुमो इस सीट से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बड़ी बहन को उम्मीदवार बना सकता है।

सूत्रों का कहना है कि झामुमो के लिए अपनी सीट जीतना अपेक्षाकृत आसान होगा, लेकिन दूसरी सीट पर कांग्रेस की जीत महागठबंधन के सभी सहयोगी दलों के समर्थन पर निर्भर करेगी। इसलिए कांग्रेस को अपने उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए गठबंधन के सभी विधायकों का वोट हासिल करना होगा।

बड़ी खबरें

View All

पटना

बिहार न्यूज़

ट्रेंडिंग