आरजेडी इन दिनों कई चुनौतियों का सामना कर रही है। पार्टी कानूनी मामलों और आंतरिक मतभेदों को लेकर पार्टी सुर्खियों में है। इस बीच लालू प्रसाद के पटना आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है।
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव अपनी बड़ी बेटी मीसा भारती के साथ शनिवार को पटना पहुंचे। उनके पटना आगमन के साथ ही बिहार में सियासी हलचलें तेज हो गई है। हालांकि तेजस्वी यादव अभी पटना नहीं पहुंचे हैं। लालू प्रसाद के पटना आने की सूचना पर पटना एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में आरजेडी कार्यकर्ता और उनके समर्थकों ने नारेबाजी कर उनका स्वागत किया। स्वास्थ्य कारणों से लालू प्रसाद पिछले काफी दिनों से दिल्ली में थे।
लालू प्रसाद पटना सिर पर काली ऊनी टोपी, काला जैकेट और आंखों पर काला चश्मा लगा कर पहुंचे थे। व्हीलचेयर पर बैठकर वे पटना एयरपोर्ट से बाहर निकले। उनके साथ उनकी बड़ी बेटी मीसा भारती नजर आयीं। लेकिन, तेजस्वी यादव नजर नहीं आए। पटना एयरपोर्ट लालू प्रसाद और उनकी बेटी मीसा भारती पत्रकारों के सवालों से बचते दिखे। शुक्रवार को ही दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू परिवार के सदस्यों समेत 41 लोगों के खिलाफ रेलवे में नौकरी के बदले जमीन मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया था। कोर्ट के फैसले के अगले दिन लालू प्रसाद दिल्ली से पटना पहुंचे।
दिल्ली की अदालत में तेजस्वी, तेज प्रताप और मीसा समेत अन्य आरोपी पेश हुए थे। जबकि, स्वास्थ्य कारणों के चलते लालू प्रसाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे। कोर्ट ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेज प्रताप एवं तेजस्वी यादव, बेटी मीसा भारती एवं हेमा यादव समेत अन्य पर मुकदमा चलाने का फैसला दिया है।
लालू प्रसाद के बेटे एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव फिलहाल अपने परिवार के साथ पटना नहीं लौटे हैं। विदेश दौरे से लौटने के बाद से वे दिल्ली में ही हैं। हालांकि, उत्तराखंड में आयोजित एक शादी समारोह में वे शिरकत करने गए थे। आरजेडी के नेता एवं कार्यकर्ता उनके पटना लौटने का इंतजार कर रहे हैं। लालू के बड़े बेटे एवं जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव भी शुक्रवार को दिल्ली से पटना पहुंच गए।
पटना पहुंचने के बाद लालू यादव सीधे अपने आवास पहुंचे। राबड़ी आवास पर आरजेडी के कई वरिष्ठ नेता और विधायक उनसे मुलाकात करने पहुंचे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, लालू यादव आगामी इनके साथ बैठक कर राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन की स्थिति और रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं। खासकर आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर उनकी सक्रियता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आरजेडी इन दिनों कई चुनौतियों का सामना कर रही है। पार्टी कानूनी मामलों और आंतरिक मतभेदों को लेकर सुर्खियों में है। इस बीच लालू प्रसाद के पटना आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद जिस प्रकार से पार्टी में मायूसी छाई हुई थी वो लालू यादव के आने के बाद दूर होगी। लालू प्रसाद भले ही सीधे चुनावी मैदान में सक्रिय न हों, लेकिन उनकी राजनीतिक समझ और सामाजिक समीकरणों पर पकड़ आज भी मजबूत है।